चंडीगढ़। जल शासन प्रणाली में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नगर निगम ने अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) और डीएवाई-एनयूएलएम के तहत ‘जल दिवाली- महिलाओं के लिए पानी, पानी के लिए महिलाएं’ अभियान शुरू किया है। यह जश्न नौ नवंबर तक मनाया जाएगा। इसमें शहर के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वाटर वर्क्स और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा कराया जाएगा और जानकारी दी जाएगी। मेयर अनूप गुप्ता और नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने मंगलवार को सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय से अभियान शुरू किया। उन्होंने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की 37 महिलाओं को वाटर वर्क्स सेक्टर-12 और सेक्टर-39 के शैक्षिक दौरे पर रवाना किया। अभियान का उद्देश्य जल शासन प्रणाली में महिलाओं को शामिल करने के लिए एक मंच प्रदान करना है। शैक्षणिक दौरों से उन्हें पता चलेगा कि उनके घर तक रोजाना साफ पानी कैसे पहुंचता है और इसमें कौन-कौन सी चुनौतियां आती हैं।
इसके अलावा महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण प्रोटोकॉल के बारे में बताया जाएगा। मुख्य उद्देश्य जल बुनियादी ढांचे के प्रति महिलाओं में स्वामित्व और अपनेपन की भावना को विकसित करना है। साथ ही पारंपरिक रूप से पुरुषों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में समावेशिता और विविधता को बढ़ावा देकर लैंगिक समानता के मुद्दों को हल करना भी एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। मेयर अनूप गुप्ता ने कहा कि जल दिवाली अभियान का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं को सशक्त और प्रेरित करना है। आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि पानी की महत्वता महिलाएं सबसे अच्छे से जानती हैं।
24 घंटे पानी परियोजना की भर्ती में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण
आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि नगर निगम शहर के जलापूर्ति प्रणाली में महिलाओं को आगे लाने के लिए कई बड़े कदम उठा रहा है। शहर में 24 घंटे पानी की आपूर्ति करने के लिए जो परियोजना है, उसमें होने वाली भर्ती में 50 फीसदी महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि उन्हें जो कर्ज मिला है, वह भी इस शर्त पर मिला है कि प्रबंधक स्तर तक कम से कम 50 फीसदी का महिलाओं को नौकरी दी जाए। चाहे वह प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पंप ऑपरेटर का पद हो या प्रोजेक्ट मैनेजर का।आयुक्त ने बताया कि निगम ने फैसला लिया है कि निचले स्तर पर 30 फीसदी और उच्च स्तर पर महिलाओं को 50 फीसदी का आरक्षण दिया जाएगा।