नोटबंदी को लेकर पहली बार जैन मुनि तरुण सागर का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पीएम मोदी के बारे में भी कई बातें कहीं।
जैन मुनि तरुण सागर ने कहा कि संत हमेशा से ही अपने प्रवचनों में बोलते आ रहे हैं कि नोट केवल कागज के टुकड़े हैं और इस मोह माया से दूर रहना चाहिए। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये कदम उठाकर साबित कर दिया कि नोट केवल कागज के ही टुकड़े हैं।
नोटबंदी मोदी का एक क्रांतिकारी कदम है और ये कदम केवल मोदी जैसे ही आदमी उठा सकता हैं, जो फक्खड़ व अक्खड़ किस्म का हो। वह मंगलवार को अंबाला कैंट के गुड बाजार स्थित जैन आश्रम में श्रद्धालुओं के समक्ष प्रवचन कर रहे थे।
नोटबंदी के फैसले से दो चीजों पर बड़ा फर्क पड़ा
जैन मुनि तरुण सागर
इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार के इस फैसले से दो चीजों पर जरूर फर्क पड़ा है, पहला आतंकवाद और दूसरा काला धन। इस फैसले से शुरूआत में लोगों को जरूर असुविधा का सामना करना पड़ेगा। लेकिन ये कदम आम आदमी की सुविधा के लिए उठाया गया है।
तरुण सागर ने कहा कि आम जनता को चाहिए कि वह इस फैसले का सम्मान करें और आने वाले खतरे को भांपकर सरकार के फैसले का पूरा सहयोग करें। जैन मुनि ने कहा कि सरकार के फैसला का जितना असर होना चाहिए था, अभी तक उतना नहीं हो पाया है। लेकिन आने वाले समय में ये जरूर कारगर होगी, ऐसा मुझे उम्मीद है।
बाबाओं की संपत्ति को लेकर खुलकर बोले मुनि
जैन मुनि तरुण सागर
जैन मुनि ने कथित बाबाओं पर बोलते हुए कहा कि कुछ लोगों ने धर्म को धंधा बना लिया है और उसमें कथित बाबा भी शामिल हैं। जो बड़ी बेनाती संपत्तियों और नगदी पर कुंडली मारकर बैठ जाते हैं।
सरकार को चाहिए कि वह नेताओं व व्यापारियों की सम्पत्तियों के साथ-साथ कथाकथित बाबाओं की संपत्तियों की भी जांच करवाए। कथित बाबाओं की फंडिग पर भी ध्यान दें।
अंत में उन्होंने पिछले सरकार द्वारा कोई कदम न उठाने पर कहा कि ये कदम इच्छा शक्ति से उठाया जाता है, वो उनमें नहीं थी और वो इस तरह का कदम उठाते थे तो वह स्वयं भी इसकी गिरफ्त में आते थे।