वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में आए जैन मुनि नयन सागर का चंडीगढ़ में सेक्टर-27 स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास संपन्न हो गया है। पिच्छी परिवर्तन के बाद जैन मुनि शुक्रवार को मंदिर से विहार के लिए निकल पड़े। अभी वह चंडीगढ़ में ही हैं। नगर भ्रमण करने के बाद वह अपने गुरु के पास जाएंगे। चंडीगढ़ के सेक्टर-27 के श्री दिगंबर जैन मंदिर में इस वर्ष उन्होंने चातुर्मास किया।
इस दौरान वे 109 दिन रहे। विहार के दौरान वे गुजरात के गिरनार जाएंगे। वे अपने गुरुजी से मिलेंगे, क्योंकि चंडीगढ़ में आयोजित चातुर्मास के दौरान काफी विवाद हुआ था। यह विवाद वीडियो वायरल होने के कारण हुआ था। मेरठ दिल्ली, मोदीनगर व अन्य जगहों के जैन समाज के लोग नयन सागर को समाज से बाहर करने की मांग कर रहे थे। शुक्रवार को विहार के पहले दिन जैन मुनि सेक्टर-7 के धर्म बहादुर जैन के निवास पर गए।
नयन सागर महाराज से यहां पर जब अमर उजाला ने यह पूछा कि आपका लोगों ने काफी विरोध किया। इसका उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि जो विरोध कर रहे थे उन्हें पता नहीं कि वे क्या कर रहे थे। वे लोग नासमझ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में जो उपद्रव करने आएगा तो रक्षा के लिए एक्टिव होना पड़ेगा। हम सभी अहिंसावादी हैं। जो लोग विरोध कर रहे थे वे गलतफहमी के शिकार हो गए थे।
बहुत सुंदर शहर है चंडीगढ़....
जैन मुनि नयन सागर
नयन सागर महाराज ने कहा कि यह शहर बहुत ही सुंदर है। अन्य शहरों की अपेक्षा यहां पर प्रदूषण कम है। चातुर्मास के दौरान उन्हें दो बार जुकाम जरूर होता है, लेकिन चंडीगढ़ में एक बार भी जुकाम नहीं हुआ। हंसते हुए कहा और सब कुछ हो गया, लेकिन जुकाम नहीं हुआ।
चातुर्मास संपन्न हो गया है। विहार के लिए निकल गया हूं। चंडीगढ़ भ्रमण पर हूं। जो बुलाएंगे उनके पास जाएंगे। इसके बाद वे गुजरात के गिरनार अपने गुरु के दर्शन के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां से करीब 1500 किलोमीटर दूर है। कब पहुंचेंगे कह नहीं सकते।
- जैन मुनि नयन सागर जी महाराज
नयन सागर महाराज का चातुर्मास सानंद संपन्न हो गया। पिच्छी परिवर्तन के बाद विदाई समारोह संपन्न हो गया है। इसके बाद महाराज श्री नगर भ्रमण का विहार शुरू हुआ है। इस दौरान वे विभिन्न श्रद्धालुओं के घरों में जाएंगे। इसके बाद चंडीगढ़ से उनका फाइनल विहार होगा।
- कैलाश चंद जैन, संयोजक, चातुर्मास कमेटी
नयन सागर पर फैसला उनके गुरु निर्मल सागर लेंगे
चातुर्मास कमेटी के संयोजक कैलाश चंद जैन ने कहा कि नयन सागर के गुरु आचार्य निर्मल सागर का पत्र श्री दिगंबर जैन सोसाइटी को आया था। उस पत्र में आचार्य निर्मल सागर ने निर्देश दिया है कि नयन सागर जी का चातुर्मास सानंद संपन्न करवाए। चातुर्मास के बाद उन्हें गिरनार के लिए विहार करवाए। वहां पर वे स्वयं सभी मामलों की समीक्षा करेंगे। गुण दोषों की जांच के बाद आगम के अनुसार निर्णय लेंगे। आचार्य निर्मल सागर ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि सभी कार्य पारदर्शिता के साथ होगा।