लोकसभा चुनाव के बाद पंजाब सरकार को एक बढ़ा झटका लगा है। जेल मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर ने पद से इस्तीफा दे दिया है।
बताया जा रहा है कि पंजाब में अरबों रुपये की ड्रग तस्करी में जेल मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर के बेटे का नाम सामने आया था। उसके बाद से ही फिल्लौर पर मंत्री पद छोडऩे का दवाब बन रहा था। सूत्रों के मुताबिक, फिल्लौर से लोकसभा चुनाव के कारण यह इस्तीफा नहीं लिया गया था।
गौरतलब है कि 600 करोड़ रुपये के सिंथेटिक ड्रग रैकेट में पकड़े गए भोला ने पंजाब के जेल मंत्री सरवन सिंह के बेटे दमनवीर सिंह के नामों का खुलासा किया। भोला के इस खुलासे के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंत्री पुत्र दमनवीर सिंह को समन जारी किए थे।
पुलिसिया पूछताछ में भोला ने बताया था कि दमनवीर ने दिल्ली के एक सिंथेटिक ड्रग सप्लायर से मुलाकात करवाई। वरिंदर उर्फ राजा नामक यह व्यक्ति इसी मामले में पटियाला जेल में बंद है। एक अन्य व्यापारी चुन्नीलाल गाबा इनकी मदद करता था।
ये लोग बर्फ जमाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली बनावटी दवा का इसमें इस्तेमाल करते थे। बताया जाता है कि चुन्नीलाल की कमाई में 16 करोड़ का इजाफा भी हुआ था और आयकर विभाग का उस पर छापा भी पड़ा था।
भोला ने कई और नामों का भी खुलासा किया है जो उसे डॉलर को रुपये में बदलने सहित अन्य तरह की मदद पहुंचाते थे।