कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दो साल की छुट्टी पर जाने की सलाह देकर सियासी हलचल मचाने वाले जगमीत बराड़ ने प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा के नोटिस को खारिज कर दिया है।
बराड़ ने कहा कि वह बाजवा के नोटिस का कोई जवाब नहीं देंगे। बराड़ का कहना हैे कि बाजवा को उन्हें नोटिस देने का अधिकार नहीं है।
बाजवा की ई-मेल के जवाब में बराड़ ने भी रविवार को ई-मेल भेजी। इसमें बराड़ ने बाजवा से कहा है कि सिर्फ एआईसीसी महासचिव व पंजाब प्रभारी को ही उन्हें मीडिया में दिए बयान पर स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार है।
शकील अहमद के नाम पर नोटिस जारी कर बाजवा ने तकनीकी गलती की है। संगठन सबसे ऊपर है और वे एआईसीसी के मेंबर हैं। कई साल वे कांग्रेस वर्किंग कमेटी के भी मेंबर रहे। बराड़ ने कहा कि जो मुद्दे उन्होंने उठाए हैं, वह राष्ट्रीय महत्व के हैं और कांग्रेस के भविष्य से जुड़े हैं।
अपने पदाधिकारियों व विधायकों को आगाह करें कि उनके बयान पढ़े बगैर मीडिया में न जाएं। सोनिया गांधी ने आपको प्रदेश प्रधान बनाया है, मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। पर पार्टी संविधान पर कायम रहें। गौरतलब है कि शुक्रवार को बराड़ के एक बयान केबाद बाजवा ने नोटिस भेज कर उनसे जवाब मांगा था।