पंजाब कांग्रेस में चल रहा घमासान अब शांत होता नजर आ रहा है। खडूर साहिब उप चुनाव केबायकॉट को लेकर प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोलने वाले जगमीत बराड़ ने शनिवार को कोई नया हमला नहीं बोला। हालांकि उन्होंने यूथ कांग्रेस केराष्ट्रीय प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर पलटवार जरूर किया।
जगमीत पिछले कई दिनों से कैप्टन को निशाना बना रहे थे। अपने ट्विट के जरिए वह लगातार कैप्टन पर हमला बोल रहे थे। कैप्टन केउप चुनाव पर फैसले की खुलेआम आलोचना कर उन्होंने पार्टी को मुश्किल में डाल दिया था। जवाब में कैप्टन गुट ने भी उन पर जवाबी हमला बोल दिया था।
इसके बाद शुक्रवार को पंजाब प्रभारी शकील अहमद ने इस मामले में दखल दिया। शकील ने कैप्टन, जगमीत और कई विधायकों से फोन पर बात की थी। सभी को आगाह किया था कि वे सार्वजनिक तौर पर कुछ न बोलें, जिसके बाद जगमीत के तेवर नरम पड़े। शनिवार को उन्होंने पहले तो अपने ट्विट में राज्य सरकार को निशाना बनाया। उन्होंने लिखा कि रिपब्लिक डे - नो परेड - न ही झांकी, कित्थे रह गई इज्जत बाकी।
इसकेबाद उन्होंने राजा वडि़ंग पर पलटवार किया। वड़िंग ने एक दिन पहले गुरदासपुर में एक कार्यक्रम के दौरान जगमीत की कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ खुली बयानबाजी की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि लगता है कि जगमीत किसी अन्य विकल्प का मन बना रहे हैं।
जगमीत ने अपने ट्विट में लिखा कि आईवाईसी प्रधान को सियासत में वह ही लाए और ट्रेनिंग दी। वह मेरे ही खिलाफ गुरदासपुर में बोले। मर्यादा और अनुशासन कायम रखने के लिए धन्यवाद।
जगमीत के लगातार हमलों के बाद कैप्टन गुट भी मुखर हो गया था। दो दिन पहले पंजाब के सभी कांग्रेस विधायकों ने कैप्टन केे फैसले की हिमायत की थी। वहीं, बीस पूर्व विधायकों ने जगमीत को पार्टी से निकालने की मांग की थी।