पंजाब ड्रग रैकेट मामले में आरोपी जगदीश भोला
- फोटो : फाइल फोटो
करोड़ों रुपये की ड्रग्स तस्करी मामले की जिला अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत की तरफ से आरोपियों को एसआईटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की कॉपी दी गई। हाईकोर्ट के आदेशों पर गठित एसआईटी में शामिल ईश्वर सिंह, वी नीरजा और जी नागेश्वर राओ तीनों आईपीएस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी सतिंदर धामा व जगदीश भोला के पास से बरामद मोबाइल फोनों की जो कंपनी व मॉडल नंबर दिखाया गया था, वह गलत था। उसे ठीक कर लिया गया है। बाकी सारी कहानी पुरानी है।
एसआईटी के मुताबिक, राजविंदर सिंह राजा, प्रदीप सिंह, अमरजीत सिंह कनाडा को भगोड़ा करार दिया जा चुका है। जबकि बलजिंदर सिंह, मनिंदर सिंह औलख, जगजीत सिंह, दीप सिंह, हरमिंदर सिंह व सुरजीत सिंह को अदालत से जमानत मिल चुकी है। दूसरी तरफ इस मामले में आरोपी जगजीत सिंह चहल ने कहा कि जालंधर की अदालत ने उनके समेत जगदीश सिंह भोला, बिट्टू औलख समेत पांच आरोपियों को बरी कर दिया है।
जालंधर के मामले में बनी एसआईटी ने जगदीश सिंह भोला व बिट्टू औलख को क्लीन चिट देते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। जबकि हाईकोर्ट के आदेश पर थाना बनूड़ में दर्ज मामले संबंधी एसआईटी ने उनकी तरफ से पेश की वीडियो, तस्वीरों व अन्य पुख्ता सबूतों को साइड कर पुरानी रिपोर्ट को सही बताते हुए सप्लीमेंटरी चालान अदालत में पेश कर दिया था।
वहीं, दूसरी तरफ अदालत मेें डीएसपी दविंदर सिंह मठाड़ू पेश हुए, जबकि ईडी की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ। उन्होंने अर्जी दायर कर कहा था कि उनकी किसी अन्य अदालत में पेशी है। जगदीश भोला भी अदालत में पेश नहीं हुआ। उसकी भी किसी अन्य अदालत में पेशी थी। मामले की अगली सुनवाई 31 मार्च को होगी। साथ ही ईडी को पेश होने के आदेश दिए गए हैं।