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पंजाबः हजारों करोड़ के ड्रग रैकेट में जगदीश भोला को 12 साल की सजा, 24 अन्य भी दोषी करार

Thu, 14 Feb 2019 09:14 AM IST
खुशबू गोयल अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली
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जगदीश भोला
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करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी के छह साल पुराने मामले में बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने अहम फैसला सुनाया। इस दौरान अर्जुन अवार्डी पहलवान, रुस्तम-ए हिंद व बर्खास्त पंजाब पुलिस के डीएसपी जगदीश सिंह भोला समेत 25 लोगों को एनडीपीएस समेत कई धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है, जबकि 25 आरोपी बरी हो गए।

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 कई आरोपी अभी विदेशों में बैठे हुए हैं। भोला को तीन अलग-अलग मामलों में क्रमश: 10, 12 और दो साल की सजा हुई है। अदालत ने यह सजा सात केसों में सुनाई है। ये मामले पंजाब के अलग-अलग जिलों में चल रहे थे। कोर्ट ने साफ किया है कि दोषियों को अलग-अलग मामलों में सुनाई गई सजाएं एक साथ चलेंगी। हफ्ते में उन्हें जुर्माने की अदायगी करनी होगी।
 
पुलिस स्टेशन फतेहगढ़ साहिब में दर्ज एफआईआर नंबर 45/13 में जगदीश भोला को 12 वर्ष, कुलविन्द्र रॉकी को 12, संदीप व कुलदीप सिंह को 1-1, सतिंद्र धामा को 15 और अनूप काहलों को 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। इसी केस के आरोपियों सुखराज सिंह, राम सिंह, कुलवंत सिंह कांती को बरी कर दिया गया है। इसी तरह बनूड़ थाने में दर्ज एफआईआर में दोषी जगदीश भोला को एनडीपीएस एक्ट की तीन अलग अलग धाराओं में 10-10 वर्ष व एक अन्य धारा में 2 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है।

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बलजिन्द्र सोनू निवासी अमृतसर को 10 वर्ष, सरबजीत सिंह साभा निवासी अमृतसर को 10 वर्ष, सतिन्द्र धामा को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में 10 वर्ष व आर्म्स एक्ट की धाराओं में 2 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। इसी केस के परमजीत सिंह पम्मा, मनिंदर सिंह बिट्टू औलख, परमजीत सिंह चहल, अनिल, दीप सिंह, सुरजीत सिंह को अदालत ने बरी कर दिया। 

मंडी गोबिन्दगढ़ थाने में दर्ज केस में दोषी मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को 12 वर्ष व गब्बर सिंह को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। इसी केस के दो आरोपी चंद्र प्रकाश तथा जगदीश सिंह को बरी कर दिया गया है। फतेहगढ़ साहिब थाने में दर्ज केस में दोषी बसावा सिंह को 10 वर्ष कैद, दविंद्र सिंह हैप्पी को 12 वर्ष, सुखजीत सिंह को 10 वर्ष, जगदीश भोला को 2 वर्ष, गुरजीत सिंह को 10 वर्ष, दविंद्र कांत शर्मा को 1 वर्ष, देव राज बहल को 2 वर्ष, सचिन सरदाना को 10 वर्ष, राकेश साधु को 2 वर्ष, सुरेश कुमार को 12 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है।

 पसिआणा (पटियाला) में दर्ज एफआईआर में आरोपियों वरिन्द्र सिंह संधू, इन्द्रजीत सिंह, नरिन्द्र गोयल, चुन्नी लाल गाबा, सुरेश कुमार को बरी कर दिया गया है। सरहिंद थाने में दर्ज केस के आरोपी हरप्रीत सिंह लांबा व कुलबीर सिंह को सजा सुनाई गई है। इसी मामले में किरपाल सिंह, अवतार सिंह, सुखवंत सिंह उर्फ सुक्खा,जगदीश सिंह, कुलवंत सिंह को बरी कर दिया गया है। अर्बन इस्टेट पटियाला में दर्ज एफआईआर के आरोपियों पलविन्द्र सिंह, राजिन्द्र सिंह, दिलबाग सिंह, मुकेश कुमार, जगदीश सिंह को बरी कर दिया गया है।
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फैसला मनी लांड्रिंग केस के लिए अहम, ईडी की रही नजर

करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी से जुड़े केस में बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने फैसला सुना दिया। अब इससे जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की जांच में भी तेजी आएगी। जब अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई तो ईडी के कई अधिकारी अदालत में हाजिर रहे। उनका कहना था कि यह फैसला मनी लांड्रिंग केस के लिए अहम सिद्ध होगा।

बुधवार को करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी से जुड़े केस में शाम को फैसला आया। अदालत ने आरोपियों को लंच से पहले ही दोषी करार दे दिया था। शाम को सजा सुनाने का समय आया तो ईडी के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अदालत में बैठकर फैसला सुना। साथ ही सारे मामले को गहराई से समझा। एक सीनियर अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि अब मनी लांड्रिंग केस में आरोपियों का बचना मुश्किल हो गया है।

नहीं भरा इनकम टैक्स, फिर करोड़ों की प्रॉपर्टी कैसे
ईडी के सूत्रों से पता चला कि मनी लांड्रिंग केस में कई आरोपी ऐसे हैं जिन्होंने कभी इनकम टैक्स नहीं भरा, फिर भी उनके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है। ऐसे में उस केस के कई आरोपी दोषी करार हो चुके हैं। इससे साबित होता है कि वह ड्रग राकेट में शामिल थे। 

विदेशों में बैठे आरोपी भी आएंगे भारत 
मनी लांड्रिंग केस के कुछ आरोपी जो कि अब विदेश में हैं, उन्हें भी ईडी ने भारत लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अदालत में एप्लीकेशन तक लगाई गई थी। इसके अलावा कनाडा व अन्य देशों की सरकारों से भी संपर्क किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी भारत लाए जाएंगे।
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