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हरियाणा में गिरता लिंगानुपात: सैनी सरकार का सख्त एक्शन, तीन जिलों में 18 आईवीएफ सेंटर होंगे बंद

Wed, 16 Apr 2025 01:33 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

गिरते लिंगानुपात पर नायब सैनी सरकार सख्त है। सरकार ने सभी गैर पंजीकृत आईवीएफ केंद्रों को बंद करने के साथ साथ इन केंद्रों का डाटा भी तलब कर लिया है।
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आईवीएफ - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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हरियाणा में गिरते लिंगानुपात को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार ने 18 आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) सेंटर बंद करने के आदेश दिए हैं। ये सेंटर गुरुग्राम, झज्जर और पलवल में संचालित हो रहे हैं। इन सेंटरों के आईवीएफ रिकॉर्ड में लिंग असमानता काफी अधिक थी। 
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सरकार ने इन सेंटरों पर नॉन-इनवेसिव प्रीनेटल टेस्टिंग (एनआईपीटी) के दुरुपयोग की भी आशंका व्यक्त की है। एनआईपीटी एक स्क्रीनिंग टेस्ट होता है, जिससे भ्रूण के लिंग का पता लगाया जा सकता है। सरकार ने इन सभी केंद्रों के बिजली और पानी कनेक्शन काटने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी गैर पंजीकृत आईवीएफ केंद्रों को बंद करने को कहा है।
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बैठक में लिए गए बड़े फैसले

इसको लेकर मंगलवार को एसटीएफ के अधिकारियों की बैठक भी हुई। इसमें तय किया गया कि आईवीएफ सेंटर एआरटी (सहायक प्रजनन तकनीक) और सरोगेसी के नोडल अधिकारियों की सूची सरकार के साथ साझा करेंगे। इसके अलावा, आईवीएफ के माध्यम से जन्मे बच्चों के परिणाम का विश्लेषण भी सरकार करेगी। आईवीएफ केंद्रों की ओर से दी जाने वाली रिपोर्ट को जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण से भी मिलाया जाएगा ताकि पता चल सके कि कितने बच्चों ने जन्म लिया और उनका लिंग क्या था और कितनों का गर्भपात हुआ। हरियाणा के सभी केंद्रों को इसकी रिपोर्ट अगले हफ्ते तक देने के भी निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने फिलहाल नए पंजीकरण पर रोक लगा दी है।

हर जिले में पुलिस सेल होगा गठित

एसटीएफ ने प्रत्येक जिले में डीएसपी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में एक पुलिस सेल गठन करने के निर्देश दिए हैं। यह सेल सिविल सर्जन के समन्वय बनाकर पीसी पीएनडीटी और एमटीपी अधिनियम को कड़ाई से लागू करने की दिशा में काम करेगा। वहीं, एसटीएफ में अभियोजन विभाग को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

गांवों में लिंगानुपात का डाटा खंगाला जाएगा

सभी गांवों के पांच सालों का लिंगानुपात का डाटा एकत्र करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही कम लिंगानुपात वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसके साथ पिछले दिनों जिन 12 सामदुायिक केंद्रों के एसएमओ को नोटिस दिया गया था, उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाने के निर्देश दिए हैं। यदि उनके जवाब से अधिकारी संतुष्ट नहीं दिखे तो इन एसएमओ को चार्जशीट किया जा सकता है। इसके साथ ही बीएमएस डॉक्टरों के लिए भी एक एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

एमटीपी किटों की बिक्री का विवरण रखा जाएगा

प्रत्येक जिले में बिकने वाली एमटीपी किट (गर्भपात करने वाली किट) की बिक्री का बैचवार डाटा रखा जाएगा। इसके साथ ही 23 एमटीपी केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है। अंबाला के एक एमटीपी सेंटर का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है।
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