कई स्कूलों की ओर से छात्र के बीमार होने, टाइपिंग त्रुटि, तकनीकी खामी, नाम डिलीट कर देने और छात्र के स्टेशन से बाहर होने का कारण बताकर निश्चित तिथि के बाद उनका नाम शामिल करने की अपील की जाती है। सीबीएसई ने 16 के बाद इन मामलों में छात्र का पंजीकरण करने से साफ इन्कार किया। पिछले साल पंजीकरण के समय सरकारी स्कूलों को छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण पंजीकरण न होने की समस्या का सामना करना पड़ा था।
एक शिक्षक ने बताया कि नौवीं कक्षा में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात के मुकाबले कई अधिक छात्र हैं। ऐसे में वह जब सीबीएसई के पोर्टल पर विद्यार्थी का डाटा भर रहे थे तो विद्यार्थियों की संख्या अनुपात से कई अधिक होने के कारण वह उसे स्वीकार नहीं कर रहा था। शहर के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या शिक्षकों के मुकाबले कई अधिक है। कॉलोनी और उपनगर के स्कूलों में अक्सर अधिक बच्चों और कम शिक्षकों के होने की समस्या रहती है।