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Chandigarh News: संसार की ठोकरों से बचने के लिए कठोर बनना आवश्यक- शुक्ला

Sun, 20 Apr 2025 11:39 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
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चंडीगढ़। कथा सेक्टर-20 के प्राचीन श्री गुग्गामाड़ी हनुमान मंदिर के सामने रामलीला ग्राउंड में हो रही है। कथा का आयोजन प्राचीन श्री गुग्गामाड़ी हनुमान मंदिर की ओर से किया जा रहा है। कथा व्यास रमेश भाई शुक्ला ने उपस्थित श्रद्धालुओं को कहा कि सेवा के बिना भवसागर से पार होना असंभव है। रसहीन व्यक्ति परमात्मा को नहीं पा सकता है। श्रीफल का अर्थ ऊपर से कठोर और भीतर से पानी व नरम रहना है। संसार की ठोकरों से बचने के लिए कठोर बनना अति आवश्यक है। यदि बाहर से नरम रहोगे तो टूट जाओगे। टूटने वाला व्यक्ति हमेशा तनावग्रस्त रहता है। कथा व्यास रमेश भाई शुक्ला ने कहा कि यदि अहिल्या न होती तो श्रीराम पतित पावन न बनते। शबरी ने श्रीराम को सीता माता को ढूंढने का रास्ता बताया। इसलिए इन पात्रों की महत्ता भी उच्च कोटि की है। कथा के दौरान बीच-बीच में भजन भी होते रहे। कथा के बाद भंडारा हुआ।
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