चंडीगढ़। सेक्टर-21 के प्राचीन शिव मंदिर के सामने पार्क में रविवार को फॉसवेक की बैठक हुई। इसमें फॉसवेक के पदाधिकारियों में नगर निगम और प्रशासन के प्रति नाराजगी दिखाई दी। शहर के ज्वलंत मुद्दे वार्डबंदी की अधिसूचना, पानी की बढ़ी दर और घर-घर से कचरा उठाने के लिए निगम की अपनी गाड़ियों के फैसलों पर चर्चा हुई। नई खरीदी गई गाड़ियों का मेंटीनेंस और ड्राइवर का वेतन सभी शहर के लोगों से वसूल किया जाएगा। कूड़ा गाड़ी नहीं आने पर शहरवासी शिकायत किससे करें, यह भी पता नहीं चल रहा है।
फॉसवेक ने कहा कि जब सभी काम प्रशासन को ही करना है तो फिर नगर निगम का काम क्या है। इसे भंग कर देना चाहिए, ताकि शहर के लोगों का हर वर्ष अरबों रुपये बच सके। सुविधा के नाम पर करों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। हमें 24 घंटे पानी नहीं चाहिए। हमें प्रेशर से और स्वच्छ पानी चाहिए। पिछले 50 से भी अधिक वर्षों से शहर में काम ठीक से चल ही रहा था, लेकिन अब कुछ वर्षों में नगर निगम शहर के लोगों पर टैक्स थोपने का काम कर रहा है। नगर निगम के खिलाफ फॉसवेक प्रदर्शन करेगी। फॉसवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि प्राइवेट कूड़ेवालों के रोजगार खत्म कर नगर निगम की ओर से अपनी गाड़ियां खरीदकर घरों से कूड़ा उठाने का निर्णय सरासर गलत है। जब पुराना सिस्टम सुचारू रूप से काम कर रहा है तो उसे बदलने की क्या जरूरत है।
यदि बात सिर्फ गीला और सूखा कचरा अलग-अलग की है तो इसके लिए लोगों और रेहड़ी में कूड़ा उठाने वालों को प्रशिक्षित किया जा सकता है। फॉसवेक के संरक्षक आरसी नैयर ने कहा कि नगर निगम को सोशल ऑडिट करवाना चाहिए, जिससे उसकी आय-व्यय और प्राथमिकताओं के बारे में लोगों को पता चले। महासचिव जेएस गोगिया ने कहा कि एक तरफ तो नगर निगम कहता है कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और दूसरी तरफ जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपया फिजूल खर्च दिया गया।
फॉसवेक के मुख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता ने कहा कि प्रशासन की ओर से नई वार्डबंदी की अधिसूचना में भारी खामियां हैं। सेक्टर-38 वेस्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि न केवल हर वार्ड की जनसंख्या में भारी असंतुलन है बल्कि सेक्टरों को कॉलोनियों और गांवों के साथ मिलाना भी एक बड़ी गलती है। उन्होंने कहा कि सांसद किरण खेर प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद की रिटायरमेंट के बाद उनके कार्यकाल को बढ़ाने जैसे छोटे विषयों को छोड़कर चंडीगढ़ के लोगों की समस्याओं के ऊपर ध्यान दें।
मुख्य सलाहकार कमलजीत सिंह पंछी ने कहा कि पानी की दरों में 3 गुना तक की गई बढ़ोतरी और उस पर 30 प्रतिशत सीवर सेस लगाना पूरी तरह गलत है। पंछी ने कहा कि पानी का बिल पहले साढ़े तीन सौ रुपये आता था अब 3300 रुपये आया है। सेक्टर 8 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष रविंदर सिंह गिल ने कहा कि क्या चंडीगढ़ में लोगों को 24 घंटे ताजे पानी की सप्लाई देने की जरूरत नहीं है। इसके लिए नगर निगम कर्ज लेता है और उसकी वसूली लोगों से करता है। सेक्टर 13 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष कर्नल गुरसेवक सिंह ने कहा कि विकसित देशों के मॉडल पर नगर निगम को हर घर से अपनी गाड़ियों में कूड़ा उठाने की बजाय हर गली में बड़े बिन रख देने चाहिए, जिसमें लोग कूड़ा डाल दें और वहां से नगर निगम की गाड़ियां कूड़ा लेकर चली जाएं। सेक्टर 39 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष अमरदीप सिंह ने कहा कि जब उनके सेक्टर के लोग पहले ही कूड़ेवाले को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके दे रहे हैं तो ऐसे में नया सिस्टम लागू करके लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है। सेक्टर-21 आरडब्ल्यूए के वरिष्ठ उपप्रधान एएस भाटिया और महासचिव प्रदीप चोपड़ा ने कहा की कूड़ा उठाने के नए सिस्टम से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। न तो गाड़ियों के आने का कोई समय है, न ही नगर निगम के कर्मचारी ऊपरी मंजिलों पर जाकर कचरा उठाकर लाते हैं और न ही सभी घरों से कूड़ा उठाया जा रहा है।
सेक्टर 33 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जेएस सरपाल और सेक्टर 22 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राजेंद्र मोहन कश्यप ने कहा कि प्राइवेट कूड़ेवालों को हटाकर नगर निगम चंडीगढ़ में अपना एकाधिकार बना लेगा और आने वाले वक्त में इसके लिए लोगों से बहुत बड़ी धनराशि एकत्रित करेगा। सेक्टर 37 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जेपी यादव ने कहा कि नगर निगम इस कार्य में तभी सफल हो सकता है, जब वह लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम मूल्यों पर कूड़ा उठाने का कार्य करे। सलाहकार डॉ. केएस चौधरी ने कहा कि डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड से उठते प्रदूषण और बदबू ने आसपास के क्षेत्रों के लोगों का जीना दूभर किया हुआ है, जिस तरफ प्रशासन और नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है। सेक्टर-44 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष वीके निर्मल और सेक्टर 14 वेस्ट आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष अवतार सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को दिल्ली पैटर्न पर लोगों की ओर से घरों में जरूरत के हिसाब से किए गए बदलावों को नियमित करने की मंजूरी देनी चाहिए।