चंडीगढ़। हरियाणा की 6 ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों को दिल्ली में धरने पर बैठने का मामला सोमवार को संसद में भी गूंजा। रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार द्वारा अनदेखी का मुद्दा उठाकर कहा कि सरकार ओलंपिक मेडल की तैयारियों की बात कर रही है जब खिलाड़ियों ने कहा कि हमारे साथ अन्याय हुआ है हम अपने मेडल गंगा में बहा देंगे। सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए थी, न्याय दिलाने का भरोसा देना चाहिए था। सरकार में से कोई उनसे मिलने तक नहीं गया, न उनकी बात सुनी। सुप्रीम कोर्ट के कहने पर एफआईआर लिखी गई। इसी प्रकार, हरियाणा के खेल मंत्री के महकमे की महिला कोच द्वारा दुर्व्यवहार के आरोप के बावजूद आरोपी मंत्री को पद पर बने रहने की बात कही गई। हुड्डा यहां आगामी ओलंपिक खेलों के लिए भारत की तैयारियों पर लोकसभा में नियम 193 के तहत कांग्रेस पार्टी की तरफ से चर्चा के दौरान बोल रहे थे।
ओलंपिक में पदक जीतने हैं तो देश भर में कांग्रेस की हुड्डा सरकार की पदक लाओ पद पाओ नीति को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि मेडल तभी आ सकता हे जब खिलाड़ियों को मान-सम्मान, उचित प्रोत्साहन, इंफ्रास्ट्रक्चर, उनके भविष्य की सुरक्षा, प्रतिभा की खोज की नीति लागू होगी। उन्होंने ओलंपिक खेलों में शामिल होने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पदक लाने के प्रति ये सरकार कितनी गंभीर है ये इस बात से स्पष्ट है कि 26 जुलाई से ओलंपिक खेल शुरू हो रहे हैं और आज 22 जुलाई को सरकार इसकी तैयारियों पर चर्चा कर रही है।