कोरोना महामारी के दौरान अप्रैल में फिरोजपुर रेल डिवीजन ने 24 पुराने रेल डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदला था। इन डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने में लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन अब तक इनमें कोई भी कोरोना मरीज भर्ती नहीं किया गया, जिससे ये डिब्बे अब खुद ही आइसोलेशन की पीड़ा झेल रहे हैं।
नौ माह पहले रेल डिवीजन के फिरोजपुर कैंट, अमृतसर और जम्मूतवी रेलवे स्टेशन पर पुराने 24 डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित किया गया था। हालांकि इनमें अब तक कोई कोरोना मरीज भर्ती नहीं हुआ है।
फिरोजपुर डिवीजन में पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से आते हैं। इस कारण फिरोजपुर कैंट, अमृतसर और जम्मूतवी रेलवे स्टेशन पर आठ-आठ पुराने कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया था। हालांकि पंजाब में कोरोना मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं थी। इस कारण इनमें किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है।
रेलवे ने इन आइसोलेशन वार्डों की देखभाल के लिए मुलाजिम तैनात किए हैं, जो वार्डों की साफ-सफाई व अन्य वस्तुओं के इंतजाम देखते हैं। रेलवे ने कोरोना मरीजों की संख्या अधिक होने पर पुराने कोचों का भी इंतजाम किया हुआ है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उन्हें आइसोलेशन वार्ड में बदला जा सकें।
एक कोच में रखे जा सकते हैं 16 मरीज
एक कोच में नौ केबिन बनाए गए है। आठ केबिन कोरोना मरीजों के लिए और नौवां मेडिकल स्टाफ के लिए बनाया गया है। एक केबिन में दो बेड हैं। इससे एक कोच में सोलह मरीज आ सकें। ऊपर की बर्थ मरीजों के सामान रखने के लिए तैयार की गई है। सभी कोचों में बिजली, पानी, सैनिटाइजर, ऑक्सीजन सिलिंडर और दवाइयों की सुविधा मुहैया करवाई गई है। इसके अलावा मरीजों के लिए दो चादरें, एक तौलियां और तकिया का बंदोबस्त किया गया था।
रेल डिवीजन फिरोजपुर में आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित किए गए 24 रेल डिब्बों में किसी भी कोरोना मरीज को दाखिल नहीं किया गया है। जबकि आइसोलेशन वार्ड में सभी मेडिकल व अन्य सुविधा मुहैया करवाई गई हैं। - आकिल खान, सीनियर डीएमई (सी एंड डब्ल्यू), फिरोजपुर रेल डिवीजन