चंडीगढ़/पंचकूला/कालका। किसान आंदोलन का असर बस सेवा पर सबसे अधिक हुआ है। सीटीयू की बसें रूट बदलकर दिल्ली के अंदर कश्मीरी गेट तक जाने लगीं हैं लेकिन लोगों में डर का माहौल है। इस वजह से आईएसबीटी खाली हो गए हैं। लोग बस के बजाय ट्रेन व हवाई जहाज से यात्रा कर रहे हैं। जाम के कारण बसें भी देरी से दिल्ली पहुंच रहीं हैं। विभाग का दावा है कि सभी बसें चलाईं जा रहीं हैं।बुधवार को अमर उजाला ने आईएसबीटी-17 और 43 का दौरा किया को पाया कि बसों में आधी सवारियां ही थीं। लोग टीवी व सोशल मीडिया पर प्रदर्शन को देखकर ऐसा मान रहे हैं कि सड़कें बंद हैं। ऐसे में अनावश्यक यात्राओं को आगे के लिए टाल दिया है। इसके अलावा बहुत से लोग ऐसे माहौल में ट्रेन की यात्रा को सुरक्षित मान रहे हैं, इसलिए रेलवे स्टेशन पर सामान्य से ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं। दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में सवारियों की संख्या भी सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा है। हालांकि जिन लोगों को दिल्ली एम्स, सुप्रीम कोर्ट या अन्य किसी भी जरूरी काम के लिए दिल्ली जाना चाहते हैं, वो बस के माध्यम से भी दिल्ली जा रहे हैं।
बुधवार को सीटीयू की कई बसें दिल्ली के अंदर कश्मीरी गेट तक गईं। हालांकि इसके लिए सीटीयू ने रूट में बदलाव किया है। अब बसें चंडीगढ़ से पंचकूला, रामगढ़, साहा, शाहाबाद से बहालगढ़ और फिर केएमपी, बागपत और लोनी से होते हुए कश्मीरी गेट तक जा रहीं हैं। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि लोगों में पैनिक फैल गया है इसलिए सवारियों की संख्या कम है लेकिन सीटीयू की तरफ से सभी बसें चलाई जा रही हैं। कोशिश है कि कोई भी व्यक्ति परेशान न हो।
उधर, अधिक जाम के चलते पंचकूला से दिल्ली जाने वाली सभी 20 बसें पानीपत से लौट आईं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनों में भीड़ अधिक रही। सुबह दिल्ली, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला के अधिकतर यात्रियों ने ट्रेन का सफर किया। उंचाहार एक्सप्रेस, लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस सहित पैसेंजर ट्रेनों में भीड़ अधिक रही। ट्रेन यात्री अनिल कुमार, सुनील कुमार, दिवाकर राय ने बताया कि भारी भीड़ होने के बाद ट्रेन में चलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
उधर, कालका से बुधवार को दिल्ली के लिए रवाना दो बसें जाम के कारण बीच रास्ते से लौट आईं। कालका से दिल्ली के लिए सुबह 5 बजे और 6:30 बजे बस रवाना हुईं जिन्हें सोनीपत (बहालगढ़) से लौटना पड़ा।
कोट
ट्रेनों का संचालन समय पर किया जा रहा है। बसों में भीड़ बढ़ने से लोग ट्रेनों में सफर कर रहे हैं। टिकट खिड़की और पूछताछ पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की गईं हैं।
- मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला मंडल