दो साध्वियों से बलात्कार में 20 साल की सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम क्या मनोरोगी है? क्योंकि इसे लेकर कई तथ्य सामने आए हैं। राम रहीम के बारे में डेरे से लेकर जेल जाने तक जितने तरह के तथ्य सामने आए हैं उससे मनोचिकित्सकों को लगता है कि वह कई तरह की मानसिक बीमारियों का शिकार है।
सूत्रों का कहना है कि पीजीआई के डाक्टर इस संबंध में जल्द ही गुरमीत राम रहीम की जांच कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि जेल में रूटीन चेकअप के नाम पर पीजीआई से जाने वाली डाक्टरों की टीम में मनोचिकित्सक को भेजकर गुरमीत का चेकअप कराया जा सकता है।
मनोरोग विभाग कर सकता है गुरमीत की जांच
सूत्रों के अनुसार पीजीआईएमएस रोहतक के मनोचिकित्सक 14 और 25 सितंबर, 12 और 23 अक्तूबर, पांच और 27 नवंबर को जेल में मरीजों की जांच करने जाएंगे। इसमें जेल में बंद अन्य कैदियों के साथ गुरमीत राम रहीम की मानसिक स्थिति की भी जांच करेंगे।
विभाग की मानें तो वह हर माह जेल में कैदियों की जांच करने जाते हैं, लेकिन गुरमीत के जेल में आने के बाद उनके यहां से जेल कोई नहीं गया है। जेल में कैदियों की जांच करना रुटीन है।
ऐसे लोगों को नहीं होता अपनी गलतियों का अहसास
राम रहीम
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पीजीआई रोहतक के मनोरोग विभाग में क्लीनिकल साइकोलॉजी के प्रोफेसर एवं हेड डॉ. राजीव डोगरा के अनुसार अत्याधिक हेरफेर करने वाले व्यक्ति को अपनी गलतियों का एहसास भी नहीं होता है।
कुछ चुनिंदा लोगों में सुपर इगो, साइको पैथ, साइकोलॉजिकल डिस्आर्डर, एबनार्मल सेक्सुअल डिजायर जैसी बीमारियां एक साथ हो सकती हैं। ऐसे व्यक्ति जीवन में किसी चीज से संतुष्ट नहीं हो सकते, चाहे वह प्रापर्टी हो या सेक्स। उनके पास जो भी होता है, उन्हें लगता है कि कम है।
सेक्स और कामयाबी के मामले में पुरुष तो क्या महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। समय पर यदि इसका उपचार न हो तो समस्या बन जाती है। पहले व्यक्ति अपना नुकसान करता है फिर समाज का करता है। ऐसे व्यक्ति किसी के नहीं हो सकते, चाहे वह परिवार के हों या राजनीति के। इन्हें गलत कार्य करने में मजा आता है।