चंडीगढ़। आबकारी व कराधान विभाग ने शराब के दो ठेकों व एक वेयरहाउस की जांच कर बिना परमिट व पास के रखी इंडिया मेड फॉरेन लिकर, इंडिया मेड लिकर और इंपोर्टेड वाइन की 209 बोतलें और 71 पेटियां बरामद कीं। सभी शराब की बोतलों व पेटियों को जब्त कर लिया गया है।आबकारी व कराधान विभाग की टीम की तरफ से रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। मामले में अब आगे आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार, आबकारी व कराधान अधिकारी निरपजीत कौर और रणधीर सिंह ने दोनों जगहों पर शुक्रवार और शनिवार को जांच की थी। जांच के दौरान यहां पर शराब की बोतलों को वेरिफाई किया गया, जिसमें ये खुलासा हुआ। विभाग के अनुसार, वह शराब की तस्करी को रोकने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं और चंडीगढ़ पुलिस के साथ ऐसे मामलों की सूचनाएं साझा कर रहे हैं। अगर कोई भी व्यक्ति शराब की तस्करी करते पाया गया तो विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि शराब की बिक्री को लेकर अगर ऐसा किसी भी तरह का मामला उनके संज्ञान में आता है तो तुरंत कार्रवाई के लिए विभाग को इस संबंध में सूचना दें।
11 नवंबर को भी जब्त की गई थी अवैध शराब
विभाग ने बीते 11 नवंबर को सेक्टर-7, 17, 33 और औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 के ठेकों पर जांच कर बिना परमिट व पास के इंपोर्टेड फॉरेन लिकर, इंडिया मेड फॉरेन लिकर और कंट्री लिकर की 757 बोतलें जब्त की थीं। टीम की तरफ से इसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई थी। अब कलेक्टर एक्साइज की तरफ से इन सभी मामलों में हियरिंग की जाएगी और कार्रवाई के आदेश जारी किए जाएंगे, जिसमें जुर्माना लगाने का प्रावधान भी है।
तैयार हो रही है अगले साल की आबकारी नीति
विभाग वर्ष 2024-25 के लिए आबकारी नीति फाइनल करने का पर भी काम कर रहा है, जिसके लिए हितधारकों के सुझाव लिए जा रहे हैं। इस बार विभाग सभी ठेकों की नीलामी नहीं कर पाया था, जिसके चलते उसे 350 करोड़ के करीब राजस्व से हाथ धोना पड़ा। इस बार पॉलिसी के तहत विभाग कुल 95 ठेकों में से 77 ठेकों की नीलामी कर पाया था।