फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंवार से 15 घंटे की पूछताछ बहादुरी नहीं यह मनुष्य की गरिमा के विरुद्ध: हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
कहा, ईडी के पास यह साबित करने को सामग्री नहीं कि पंवार ने अपराध की आय से जुड़ी किसी प्रक्रिया में भाग लिया
विज्ञापन

भविष्य में सुधारात्मक उपाय करने की नसीहत, पूछताछ की उचित समय सीमा हो निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव में सोनीपत से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र पंवार की गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने न सिर्फ आदेश को रद्द किया बल्कि ईडी को फटकार भी लगाई है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि 15 घंटे तक चलने वाली पूछताछ वीरता नहीं है, बल्कि यह मनुष्य की गरिमा के विरुद्ध है।
विज्ञापन

ईडी ने 20 जुलाई को गुरुग्राम में उनसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। अपनी गिरफ्तारी व ईडी की कार्रवाई को पंवार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 16 सितंबर को बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अपने विस्तृत आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि कहा कि 15 घंटे तक चलने वाली पूछताछ वीरतापूर्ण नहीं है। हाईकोर्ट ने ईडी को सलाह दी कि वह सुधारात्मक उपाय करे और अपने अधिकारियों को पूछताछ के लिए कुछ उचित समय सीमा का पालन करने के लिए जागरूक करे। हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन एवं स्वतंत्रता का अधिकार, जिसमें गरिमा का अधिकार भी शामिल है। ईडी को अनावश्यक उत्पीड़न नहीं करना चाहिए। अदालत ने पाया कि पंवार से 19 जुलाई को कथित अवैध खनन और ई-रवाना बिल बनाने के मामले में लगातार 14 घंटे 40 मिनट तक पूछताछ की गई थी। धोखाधड़ी के मामले से संबंधित 8 एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर भी दर्ज की गई। पंवार के वकील ने तर्क दिया कि न तो उनका नाम कथित 8 एफआईआर में है, जिसके आधार पर वर्तमान ईसीआईआर दर्ज की गई है न ही उनका नाम बाद की 9वीं एफआईआर में है। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया, ईडी के पास यह साबित करने के लिए कोई सामग्री नहीं है कि पंवार ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपराध की आय से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में भाग लिया है। ऐसे में हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी आदेश के साथ रिमांड आदेश रद्द कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें