अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शनिवार को आगाज हो गया। इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद ने हरियाणा की बेटियों और उनके हौंसले को सराहा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि हरियाणा की बेटियां जिस तरह राष्ट्र का गौरव बढ़ा रही हैं, उनकी उपलब्धियां ही उन्हें कुरुक्षेत्र खींच लाई हैं। वह चाहते थे कि हरियाणा की बेटियों के लिए सार्थक संदेश साझा कर सकें।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचे राष्ट्रपति ने सुषमा स्वराज, कल्पना चावला, संतोष यादव, साक्षी मलिक, गीता-बबीता, विनेश फोगाट और मानुषी छिल्लर के नामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये बेटियां राज्य के लिए ही नहीं पूरे देश के लिए गौरव की बात हैं। हरियाणा में लिंगानुपात में तेजी से सुधार हो रहा है। हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं।
डिजिटल युग की पीढ़ी तनाव में
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के श्रीमद्भगवद् गीता सदन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रम में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय विचार गोष्ठी में राष्ट्रपति ने कहा कि डिजिटल युग की युवा पीढ़ी तनाव, असुरक्षा और दुविधा से घिरी है। ऐसे में गीता उनके लिए आध्यात्मिक औषधि सिद्ध होगी। महाकवि वेदव्यास ने इस महान ग्रंथ श्रीमद् भगवद्गीता कहा। इतने महान शब्द-शिल्पी ने स्त्रीलिंग का चयन संभवत: मातृ-शक्ति की गरिमा को मान्यता देने की नीयत से ही किया होगा। इसे आज महिला सशक्तीकरण कहते हैं।
गीता यज्ञ में दी आहुति
कुरक्षेत्र में रामनाथ कोविंद
इससे पहले मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कुरुक्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज किया। राष्ट्रपति ब्रह्मसरोवर पहुंचे। वहां तीर्थ के पवित्र जल का आचमन कर पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने विधिवत रूप से 25 नवंबर से 30 नवंबर तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ किया।
शनिवार को ब्रह्मूसरोवर के पुरुषोतमपुरा बाग में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का हरियाणवी परंपरागत वाद्य यंत्रों के बीच हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी, हिमाचल के राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने गीता पूजन के बाद 200 विद्यार्थियों और विद्वानों के साथ गीता यज्ञ में पूर्णाहुति दे कर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद राष्ट्रपति ने श्रीकृष्णा सर्किट के तहत विकसित की जाने वाली गीता स्थली ज्योतिसर के मॉडल का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरस्वती नदी के विकास की जानकारी राष्ट्रपति को दी। इसके बाद उन्होंने सरस्वती पर किए गए शोध कार्यों और इतिहास पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।