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चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय उड़ान: हाईकोर्ट दे सकता है CBI जांच के आदेश

Fri, 18 Mar 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एयरपोर्ट - फोटो : DEMO Pics
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चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि 1400 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद अभी तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें क्यों नहीं शुरू हुईं। हाईकोर्ट ने संकेत दिया है कि यदि सोमवार तक अंतरराष्ट्रीय उड़ान का मसौदा पेश नहीं किया तो देरी के पीछे जिम्मेवार अफसरों के खिलाफ सीबीआई जांच खोली जा सकती है।
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अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जल्द शुरू करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर पिछली सुनवाई पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयरलाइंस कंपनियों की अर्जियों पर दो हफ्ते में फैसला लेने का निर्देश दिया गया था, लेकिन केंद्र सरकार और एएआई ने केवल स्थिति का हवाला देते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के बारे में जवाब देने को और समय मांगा था।

करीब दो घंटे चली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील पुनीत बाली ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए किए खर्च में घोटाला हुआ है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं करने के पीछे जिम्मेवार अफसरों के खिलाफ सीबीआई जांच खोली जानी चाहिए।
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इसी पर जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस गुरमीत राम की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार और एएआई से पूछा कि आखिर सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश क्यों न दे दिया जाए। याचिकाकर्ता मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के वकील ने कहा कि इतना खर्च करने के बावजूद क्षेत्र के लोग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लाभ से महफूज हैं।

यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ही अपग्रेड हुआ था, लेकिन शुरूआत होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं होने से कारोबार में होने वाले लाभ से व्यापारी, इंडस्ट्रियलिस्ट और अन्य लोग वंचित हैं।

बेंच ने कई बार केंद्र सरकार और एएआई से एफआईआर पर जवाब मांगा, लेकिन दोनों ने सोमवार तक का समय देने की मांग की। आखिर बेंच ने कहा कि सोमवार तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का मसौदा पेश नहीं किया गया तो इस मामले में जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जा सकता है।

पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने एयरलाइंस कंपनियों की अर्जियों पर फैसला दो हफ्ते में लेने के अलावा कंपनियों का अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल भी पूछा था और यह जवाब भी मांगा था कि एयर इंडिया जैसे राष्ट्रीय कंपनियों की ओर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू न करने की स्थिति भी स्पष्ट की जाए।
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