चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पैरलल टैक्सी ट्रैक और रनवे की रीकार्पेटिंग के लिए एयरपोर्ट को बंद रखने का समय निर्धारित कर लिया गया है। भारत सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि गवर्नर कांफ्रेंस रद्द होने के चलते 18 से 20 मई तक एयरपोर्ट खोलने का निर्णय लिया गया था, जिसकेचलते एयरपोर्ट बंद करने का समय 3 जून तक बढ़ा दिया गया था। लेकिन अब जब यह कांफ्रें स रद्द हो चुकी है तो एयरपोर्ट को निर्धारित तिथि पर खोलने की जरूरत नहीं है।
ऐसे में अब एयरपोर्ट को 12 से 31 मई (19 दिन) तक पूरी तरह से बंद करने के निर्णय को हाईकोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। मंगलवार को केंद्र सरकार ने बताया कि रनवे की रिकार्पेटिंग और पैरलल टैक्सी ट्रैक निर्माण के लिए जो सामग्री चाहिए वह पूरी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के डिप्टी जनरल मैनेजर ने बताया कि वीडी 12 और 13 वे उपलब्ध करवाते हैं और इसकी कोई कमी नहीं है। असल में दिक्कत मोडिफाई बिटुमिन की है जो हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड उपलब्ध करवाता है।
हाईकोर्ट ने इसपर दोनों को सुनिश्चित करने को कहा कि रॉ मैटीरियल की कोई कमी न होने पाए। इसी बीच हाईकोर्ट से अपील की गई कि ठेका लेने वाले ठेकेदार से काम की स्टेटस रिपोर्ट तलब की जाए। हाईकोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि वे हाईकोर्ट को यह बताएं कि यह काम कब तक और कितने अंतराल में पूरा किया जाएगा। केंद्र ने इसके लिए समय मांगा। इसपर हाईकोर्ट ने ठेकेदार को आदेश दिए कि वे अगली सुनवाई पर काम से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट सौंपे।
इसी बीच हाईकोर्ट को बताया गया कि मई माह में सभी ट्रेन फुल हैं और किसी भी ट्रेन में सीट मौजूद नहीं है। इसपर हाईकोर्ट ने रेलवे उत्तरी क्षेत्र के जीएम से अगली सुनवाई पर अतिरिक्त ट्रेन या अतिरिक्त कोच ट्रेनों में जोड़े जाने पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए।
बारिश से पहले काम पूरा करना लक्ष्य
कोर्ट को बताया गया कि निर्माण कार्य के चलते 12 से 31 मई के बीच एयरपोर्ट को बंद रखा जाएगा और इस दौरान न तो कोई फ्लाईट ऊडान भरेगी और न इस एयरपोर्ट पर लैंड कर सकेगी।
फरवरी में भी बंद करना पड़ा था एयरपोर्ट
रनवे और पैरलल टैक्सी ट्रैक के निर्माण के लिए इससे पूर्व 12 से 25 फरवरी के बीच एयरपोर्ट को पूरी तरह से बंद करना पड़ा था। पिछली सुनवाई पर केंद्र ने 14 से 28 मई के लिए दोबारा एयरपोर्ट बंद करने की परमिशन मांगी थी।