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Chandigarh News: आर्ट कॉलेज में 40 लाख का हिसाब स्पष्ट न होने के मामले में पुराने कर्मचारियों से चेक कराया जाएगा रिकॉर्ड

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चंडीगढ़। सेक्टर-10 के सरकारी आर्ट काॅलेज में पिछले कई वर्षों से स्टूडेंट फंड्स में भारी गड़बड़ी सामने आई है। 1999 से 2015 तक के ऑडिट में 40 लाख रुपये से अधिक राशि का स्पष्ट हिसाब नहीं मिलने से ऑडिट विभाग ने कॉलेज से जवाब मांगा है। कॉलेज का स्टाफ पुराना रिकॉर्ड खंगाल रहा है, लेकिन उस समय कार्यरत रहे डीडीओ और कैशियर को रिकॉर्ड खंगालने के लिए कॉलेज आना पड़ सकता है। क्योंकि इतने सालों का रिकॉर्ड चेक करने के लिए कॉलेज स्टाफ को शनिवार रविवार को भी आना पड़ रहा है। अब उस समय के लगभग 18 स्टाफ सदस्यों को भी शनिवार रविवार को आकर फाइलें चेक करने में सहायता करनी होगी।
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सूत्रों के मुताबिक यदि रिकॉर्ड में गड़बड़ी स्पष्ट हो जाती है तो उस समय के सभी कर्मचारियों को जुर्माने के साथ पूरी राशि भरनी होगी। कुछ कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं तो कुछ अभी कार्यरत हैं। हालांकि अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं उनके हिसाब से जिस काम पर पैसा खर्च किया गया है, उसे सही कैटेगरी में नहीं डाला गया। कॉलेज स्टाफ ने कई कर्मचारियों से पुराने पुख्ता कागज भी मंगवाए जोकि कर्मचारियों ने जमा भी किए हैं। पूरा रिकॉर्ड चेक करने में अभी समय लगेगा। फिलहाल कॉलेज स्टाफ शनिवार और रविवार को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक आकर रिकॉर्ड चेक कर रहा है।

ऑडिट विभाग ने बार-बार रिपोर्ट भेजकर कॉलेज से जवाब मांगा, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। रिमाइंडर भेजे गए, पर कॉलेज ने गंभीरता नहीं दिखाई। वित्त विभाग ने निर्देश दिया था कि 31 मार्च 2015 तक के सभी पेमेंट व रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध कराए जाएं, ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। यदि कॉलेज संतोषजनक दस्तावेज नहीं देता, तो पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच का रास्ता खुल सकता है। क्योंकि 2010 और 2015 की ऑडिट रिपोर्ट में उल्लेख है कि 40 लाख रुपये तक के स्टूडेंट फंड्स का स्पष्ट हिसाब नहीं मिला।
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