चंड़ीगढ़। बीमा कंपनी को दुकान में आग लगने से हुए नुकसान का सही आकलन न करना और आवश्यक दस्तावेजों की कमी का हवाला देकर क्लेम की सही राशि न देना महंगा पड़ गया। आयोग ने बीमा कंपनी को 2.10 लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज दर के साथ और 40 हजार रुपये मानसिक तनाव और अदालती खर्च देने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता अश्विनी और डिंपल अरोड़ा निवासी सेक्टर-5 पंचकूला ने उपभोक्ता आयोग को बताया कि उन्होंने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से 10 सितंबर 2023 से 9 सितंबर 2024 तक की अवधि के लिए 10 हजार में बीमा पॉलिसी खरीदी थी। 17 नवंबर 2023 को उनकी दुकान में आग लग गई। इससे काफी सामान जल कर राख हो गया। बीमा कंपनी ने केवल 48 हजार रुपये का मुआवजा प्रस्तावित किया, जबकि शिकायतकर्ता ने 3.69 लाख की मांग की। कंपनी ने दावा किया कि सर्वेयर ने केवल 61 हजार रुपये का नुकसान आंका है। आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए पाया कि बीमा कंपनी ने सही तरीके से नुकसान का आकलन नहीं किया था। शिकायतकर्ता ने पूरी तरह से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए थे जिस कारण केवल आंशिक मुआवजे की स्वीकृति दी गई इसलिए आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।