चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त कार के मालिक को परमिट न होने का हवाला देते हुए बीमा कंपनी को क्लेम देने में कोताही बरतने का दोषी करार दिया है। आयोग ने द न्यू इंडिया इश्योरेंस कंपनी को शिकायतकर्ता को 70 हजार रुपये हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए दस हजार और केस में खर्च दस हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
मोहाली निवासी जसबीर सिंह उपभोक्ता आयोग में दायर याचिका में बताया कि कार की सुरक्षा के लिए उन्होंने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 16 दिसबंर 2021 को बीमा लिया था। 28 जुलाई 2022 को जब शिकायतकर्ता के पिता मोहाली से कार लेकर जीरकपुर जा रहे थे। इस दौरान एयरपोर्ट रोड पर सिग्नल लाल होने पर हरे होने का इंतजार कर रहे थे। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी और मौके पर फरार हो गया। क्षतिग्रस्त कार को ठीक करने के लिए गैराज में दिया। दस दिन बाद कार ठीक होने पर गैराज की ओर से 75 हजार रुपये का बिल बनाया। इसकी जानकारी बीमा कंपनी को दी गई। इसके एक माह का समय बीत जाने के बावजूद कंपनी ड्राइवर के पास परमिट न होने के हवाला देते हुए क्लेम देने में आनाकानी करनी लगी। मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को सेवा देने के कोताही बरतने का आरोपी करार देते हुए शिकायतकर्ता को 70 हजार रुपये हर्जाना के साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए दस हजार रुपये और केस में खर्च हुए दस हजार रुपये के आदेश दिए हैं।