मालूम हो कि सरकार की ओर से शराब ठेकेदारों को 20 फीसदी फीस जमा करने के लिए कहा गया था। ठेकेदारों ने फीस जमा करने से साफ मना कर दिया गया है। ठेकेदारों की दलील है कि जब दुकानें खुली नहीं और सप्लाई है नहीं तो फिर फीस किस बात की। हालांकि लॉकडाउन में शराब ठेके खोलने को लेकर सरकार में ही विरोधाभास दिखाई पड़ रहा है।
सरकार में बैठे कुछ लोग लॉकडाउन में भी ठेके खुलवाने की वकालत कर रहे हैं तो वही ग्रह मंत्री अनिल विज जैसे कई मंत्री विरोध कर रहे हैं। विज पहले भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।
कारखानों में उत्पादन शुरू होगा, मगर बिक्री पर रोक
हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में शराब कारखानों, बॉटलिंग प्लांट्स व ब्रेवरीज में उत्पादन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रदेश में भी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर हरियाणा ने इस संदर्भ में सभी जिलों के डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन आयुक्तों को सर्कुलर जारी किया है।
सर्कुलर में कहा गया है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद इन उत्पादन इकाइयों पर एकदम भार न बढ़े और थोक व फुटकर विक्रेताओं को भी कोई दिक्कत न हो। जबकि नई आबकारी नीति के तहत थोक और फुटकर विक्रेताओं को लाइसेंस भी जारी होने हैं। इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
सभी डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि कि वे स्थानीय प्रशासन से भी समन्वय स्थापित करें। ताकि जिलों में उत्पादन के साथ-साथ लॉकडाउन प्रोटोकॉल का भी पूरी तरह से पालन होता रहे।