चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को यूटी प्रशासन की ओर से 7 मई को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी किए निर्देशों की अनुपालना को लेकर बैठक की।
डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन्स प्रो. वीआर सिन्हा अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें कार्यवाहक रजिस्ट्रार सीए विक्रम नय्यर भी मौजूद रहे। इस दौरान पंजाब विश्वविद्यालय के पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, स्वीमिंग पूल और खेल मैदान इत्यादि 31 मई तक बंद करने के निर्देश जारी किए।
पीयू डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन्स प्रो. वीआर सिन्हा ने शनिवार को कार्यवाहक रजिस्ट्रार सीए विक्रम नय्यर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. जगत भूषण, डीन स्टूडेंट वेलफेयर पुरुष प्रो. एसके तोमर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर महिला प्रो. सुखबीर कौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपिंदर कौर, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. संजय कौशिक, कुलपति के सचिव प्रो. दविंदर सिंह और भू-विज्ञान विभाग के प्रो. नवल किशोर मौजूद रहे।
बैठक में विश्वविद्यालय के मौजूदा हालातों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान फैसला लिया गया कि ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेेंगी। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में विद्यार्थियों की ऑफलाइन गतिविधियां बंद करनी पड़ेगी। बैठक में सबकी राय के बाद निर्देश जारी किए गए कि यूटी प्रशासन के फैसले की तर्ज पर 31 मई तक एसी जोशी पुस्तकालय, विभागीय पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, स्वीमिंग पूल और खेल मैदान इत्यादि बंद किए जाएंगे।
छात्रवासों में फैल रहा संक्रमण
डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सुखबीर कौर ने बताया कि विश्वविद्यालय की मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बैठक में बताया कि परिसर में रह रहे लगभग 30 के करीब विद्यार्थियों को संक्रमण के लक्षण खांसी, बुखार, जुकाम चल रहा है। प्रतिदिन विद्यार्थी इन समस्याओं को लेकर उनके पास इलाज के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा अभी करीब चार विद्यार्थी कोरोना संक्रमित भी हो गए थे, जो अभी छात्रावास छोड़कर चले गए हैं। इनमें एक संक्रमित विद्यार्थी को महिला छात्रावास 8 में संक्रमण ठीक होने तक ठहराया था।
छात्रावास में रह रहे 650 के करीब विद्यार्थी
प्रो. सुखबीर कौर ने बताया कि छात्रावास में अभी लगभग 650 के करीब विद्यार्थी रह रहे हैं। इस हफ्ते संक्रमण को देखते हुए लगभग 100 के करीब विद्यार्थी घर चले गए हैं। विश्वविद्यालय में 15-20 के करीब स्टाफ सदस्य भी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं और कर्मचारी काम पर भी कम आ रहे हैं। ऐसे में ग्रुप डी की कमी के कारण सफाई व्यवस्था और विद्यार्थियों की देखरेख भी प्रभावित हो रही है।
यूटी प्रशासन की मदद से छात्रावास के विद्यार्थियों को भेजा जाएगा घर
बैठक में फैसला लिया गया कि छात्रावास में रह रहे सभी विद्यार्थियों को सुरक्षा के लिहाज से घर भेजा जाए। वर्तमान हालातों को देखते हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित घर भेजने के लिए यूटी प्रशासन से मदद मांगी जाएगी। जब तक प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय नहीं खुलते, तब तक विद्यार्थियों को नहीं बुलाया जाएगा।