हरियाणा के राजकीय विद्यालयों से पासआउट होने जा रहे 10वीं और 12वीं विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा से पहले टैबलेट चार्जर, डेटा सिम कार्ड सहित स्कूल में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। अगर ये समान स्कूल में नहीं जमा हुआ तो विद्यार्थी को रोल नंबर नहीं मिलेगा। यह सूचना हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने जारी कर दी है।
हरियाणा के राजकीय विद्यालयों से पासआउट होने जा रहे 10 वीं और 12 वीं विद्यार्थियों से उपरोक्त सामग्री लेकर सुरक्षित लैब या पुस्तकालय में जमा कराने संबंधित यह निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। अब अगले सत्र में यह टैबलेट और डेटा सिम कार्ड नए विद्यार्थियों को ई-लर्निंग के लिए दिए जाएंगे।
बहरहाल, हरियाणा शिक्षा निदेशालय से इस संदर्भ में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा है कि इन सभी टैबलेट और डेटा सिम कार्ड को संबंधित प्रभारियों की ड्यूटी लगाकर सुरक्षित ढंग लाइब्रेरी में रखने की व्यवस्था करें।
बता दें कि राज्य के राजकीय स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को सरकार द्वारा ई-लर्निंग की सुविधा देने के तहत टैबलेट वितरण का कार्यक्रम 2022-2023 शैक्षणिक सत्र में चलाया गया था। जहां हाई स्कूल में अध्ययनरत 10वीं के कई विद्यार्थी पासआउट होने के बाद विद्यालयों में जाने वाले हैं। वहीं, वार्षिक परीक्षा पास करने के उपरांत 12वीं के विद्यार्थी विद्यालय से पास आउट होने के बाद दूसरे शिक्षण संस्थानों में जाएंगे।
टैबलेट के पीछे आईएमईआई नंबर लिखने के निर्देश
यदि विद्यार्थी के पास टैबलेट का डिब्बा नहीं है तो प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि टैबलेट के पीछे उसका आईएमईआई नंबर के साथ लिखा जाए। 10वीं कक्षा के प्रभारियों का जिम्मा होगा कि वे विद्यार्थियों से टैबलेट वापस लेने के बाद स्टॉक रजिस्टर इसे दर्ज कर कर कंप्यूटर लैब या पुस्तकालय में सुरक्षित रखने का प्रबंध करेंगे।
स्कूलों सुरक्षित स्टोर की गई इस सामग्री का समय समय पर निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर स्कूल में स्टोर किए गए टैबलेट चोरी होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी ही होगी और उसका भुगतान उन्हें ही करना होगा।