रिवाल्वर लेकर सेशन जज की अदालत में घुसने के बाद शुक्रवार को दिन में गिरफ्तार इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह बाजवा की कपूरथला जेल में रात में तबीयत खराब हो गई। बाजवा को शुक्रवार रात को ही जेल के चिकित्सकों ने जालंधर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। वह अस्पताल में बने नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती है और उसका इलाज मनोचिकित्सक द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि शाहकोट उपचुनाव मे कांग्रेस के उम्मीदवार लाडी शेरोवालिया पर केस दर्ज करने के बाद इंस्पेक्टर बाजवा चर्चा में है।
जालंधर सिविल अस्पताल प्रशासन ने बाजवा की देखरेख और मेडिकल रिपोर्ट के लिए चार चिकित्सकों की एक टीम का गठन किया है। डॉक्टरों का कहना है कि पूरी मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा। शुक्रवार को बाजवा अपने लिए सुरक्षा की मांग को लेकर सेशन कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए कोर्ट में सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए अर्जी लगाई थी। इस दौरान वे जबरन रिवाल्वर लेकर कोर्ट परिसर में दाखिल हो गए।
एएसआई सुखविंदर सिंह ने उन्हें रिवाल्वर ले जाने से मना किया, लेकिन परमिंदर ने उन्हें धक्का देकर झिड़क दिया और कहा, ‘परे हट जाणदा नहीं मैं इंस्पेक्टर हां।’ इसके बाद सेशन जज के रूम में बाजवा का रिवाल्वर जब्त किया गया। करीब दो घंटे इंतजार के बाद जज ने सुरक्षा देने से इनकार किया और कहा कि सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश हाईकोर्ट ही दे सकता है। इसके बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते ही थाना बारादरी की पुलिस ने बाजवा को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसे 14 दिन के लिए कपूरथला जेल भेजा गया। अदालत से बाहर बाजवा ने कहा कि उसे और उसके परिवार को अज्ञात लोगों से जान का खतरा है।
बाइपोलर डिस्आर्डर से पीड़ित
सूत्रों के अनुसार परमिंदर बाजवा बाइपोलर डिस्आर्डर से पीड़ित है और उसका लुधियाना व जालंधर में उपचार चल रहा है। इस समस्या का शिकार व्यक्ति एकदम अपना आपा खो बैठता है। बाजवा के परिजनों ने उस की डॉक्टरी जांच और उपचार करवाए जाने की मांग की।