चंडीगढ़। 45 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी कांस्टेबल प्रमोद को समन जारी कर दिए हैं। सीबीआई ने मौली जागरां के एसएचओ बलजीत सिंह और कांस्टेबल सुरेंद्र राठी के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। जांच के बाद 1 जुलाई को कांस्टेबल प्रमोद के खिलाफ भी चार्जशीट पेश की गई थी, जिसे गिरफ्तार नहीं किया गया था। एसएचओ बलजीत और कांस्टेबल सुरेंद्र को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
मौलीजागरां के विकास नगर में रमेश की शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप लगाया था। शिकायतकर्ता रमेश ने बताया था कि इस साल 26 जनवरी को विकास नगर के पार्क के पास से पुलिस ने कुछ लड़कों को सिगरेट पीते पकड़ा था। इन लड़कों में से एक उनका भतीजा भी शामिल था। आरोपों के मुताबिक इंस्पेक्टर बलजीत सिंह ने उनके भतीजे और अन्य लड़कों को छोड़ने के एवज में रमेश से 1.20 लाख रुपये की डिमांड की। उनके बीच 55 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद कांस्टेबल सुरेंद्र राठी 27 जनवरी को रमेश की करियाने की दुकान से दस हजार रुपये ले गया। इसके बाद रमेश पर 45 हजार रुपये और देने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। रमेश ने इसकी शिकायत सीबीआई को दी। सीबीआई ने ऑडियो-वीडियो सिस्टम लगाकर रमेश को एसएचओ बलजीत सिंह के पास भेजकर सबूत जुटा लिए। जब कांस्टेबल सुरिंदर राठी ने रमेश से 45 हजार रुपये लिए तो सीबीआई ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उससे हुए खुलासे और रिकॉर्डिंग के आधार पर सीबीआई ने इंस्पेक्टर बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया। एसएचओ ने रमेश से पुलिस थाने में बोला था कि उसने कांस्टेबल सुरिंदर राठी और प्रमोद को मैसेज कर दिया है। रिश्वत कम करने की बातचीत में प्रमोद भी शामिल था। सीबीआई ने जांच के बाद 1 जुलाई को प्रमोद के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी।