-जिला परिषद अध्यक्ष पद पर फिर से लटकी तलवार, हरियाणा सरकार को नोटिस
-पंचायती भूमि से बेदखल करने का 2004 में जारी किया गया था आदेश
-हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड पेश करने का डीसी व अन्य को दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नूंह जिला परिषद के अध्यक्ष पद जान मोहम्मद की नियुक्ति पर एक बार फिर से तलवार लटक गई है। 9 अप्रैल को ग्राम विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक ने उन्हें पंचायती जमीन से बेदखल करने के मामले में अयोग्य करार दिया था और उनकी परिषद में सदस्यता व चेयरमैन पद छिन गया था। इसके बाद 14 अप्रैल को डीसी ने चार सदस्यों वाली कमेटी गठित कर इन्हें आरोपों की जांच का जिम्मा सौंप दिया। इसी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। नूंह निवासी यहूदा मोहम्मद ने एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि 2004 में फिरोजपुर झिरका की एसडीएम कोर्ट ने जान मोहम्मद को पंचायती भूमि पर कब्जा धारक मान बेदखली का आदेश जारी किया था। इसी आदेश के आधार पर यहूदा ने उनकी जिला परिषद में सदस्यता को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में ग्राम विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक को कार्रवाई का आदेश दिया था। 9 अप्रैल को उन्होंने जान मोहम्मद को अयोग्य करार दिया था और इसके साथ ही उनकी जिला परिषद की सदस्यता समाप्त हो गई थी। याची ने बताया कि इसके तुरंत बाद जान मोहम्मद ने एसडीएम के 20 साल पुराने आदेश के खिलाफ अपील दाखिल कर दी। साथ ही डीसी के पास आवेदन दे दिया। डीसी ने भूमि के कब्जे को लेकर चार सदस्यों वाली कमेटी गठित कर दी और कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में जान मोहम्मद को क्लीन चिट दे दी । हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पूरा रिकार्ड तलब कर लिया है।