अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 2019 के विधानसभा चुनाव से 2024 के चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद इनेलो क्षेत्रीय दल के दर्जे की मान्यता बचाने का पैमाना पूर्ण नहीं कर पाया। दरअसल, लगातार 2 विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग के पैमाने से कमतर प्रदर्शन करने के कारण इनेलो की मान्यता खतरे में चल रही थी। इस बार चुनाव में इनेलो को 2 सीट के साथ 6 प्रतिशत वोट हासिल करना था। यह नहीं होने की स्थिति में 3 सीट या 8 प्रतिशत वोट पाने का विकल्प भी था। जो इनेलो पूरा नहीं कर सका। जून 2024 के लोकसभा चुनाव में इनेलो का मत 1.74 प्रतिशत था और जजपा का मत 0.87 प्रतिशत रहा था। वहीं, इस विधानसभा चुनाव में 1 भी सीट नहीं जीतने और 6 प्रतिशत से कम मत पाने वाली जजपा के पास एक और विधानसभा चुनाव का मौका है। इनेलो के प्रवक्ता राकेश सिहाग ने कहा कि अभी तक पार्टी को चुनाव आयोग से कोई नोटिस नहीं मिला है। इस संबंध में किसी तरह का नोटिस मिलने पर चुनाव आयोग से पत्राचार करेंगे। इस बार पार्टी का प्रदर्शन पिछले चुनाव से बेहतर रहा है।