हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सरकारी निवास पर बुधवार दोपहर बाद हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। किसानों के मुद्दों पर सीएम को दो अलग-अलग ज्ञापन देने पहुंचे इनेलो नेताओं की गेट पर सुरक्षा कर्मियों के तलाशी लेने की कोशिश करने पर नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला भड़क गए।
चौटाला ने पार्टी सांसदों और विधायकों के साथ मुख्य गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। तलाशी लेने का प्रयास करने पर बिफरे इनेलो नेताओं ने नारेबाजी की और सीएम को बिना ज्ञापन दिए ही लौटने लगे। इस पर सीएम के प्रधान सचिव आरके खुल्लर ने स्थिति संभाली और अभय चौटाला से बात कर उन्हें सीएम को ही ज्ञापन सौंपने के लिए कहा। चौटाला नहीं माने और खुल्लर को ही ज्ञापन देकर मुख्य गेट से वापस लौट आए।
अभय चौटाला ने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत सीएम निवास के स्टाफ को नेता प्रतिपक्ष को सीएम से मिलाना चाहिए था, लेकिन गेट पर कोई अधिकारी नहीं था। सुरक्षा कर्मियों ने मोबाइल, पैन, पर्स इत्यादि जमा करने के साथ ही तलाशी लेने की बात कहकर इनेलो नेताओं के साथ ही प्रदेश की जनता को अपमानित किया है। सीएम ने अपने पद का दुरुपयोग किया, इससे इनेलो नेताओं को ठेस पहुंची है।
पार्टी ने निर्णय लिया है कि भविष्य में सीएम निवास पर होने वाले किसी भी कार्यक्रम में इनेलो नेता शामिल नहीं होंगे। सीएम से मुलाकात या तो हरियाणा निवास में की जाएगी या फिर ऐसे स्थान पर मिलेंगे, जहां अपमानित न होना पड़े। चौटाला ने कहा कि सीएम निवास पर उनसे पहले चीन का प्रतिनिधिमंडल मिलने पहुंचा था, सुरक्षा कर्मियों को उनकी भी तलाशी लेनी चाहिए थी। साथ में जो भी अधिकारी सीएम निवास पर आते हैं, उनकी तलाशी क्यों नहीं ली जाती। पार्टी के सांसदों और विधायकों का प्रोटोकॉल अधिकारियों से ऊपर है।
पीएसओ के पास था असलहा
सीएम निवास पर ज्ञापन देने गए इनेलो नेताओं के निजी सुरक्षा अधिकारी सादे वेष में असलहा के साथ थे। इसे लेकर बाद में सीएम ने अभय चौटाला को खुद फोन किया। सीएम ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने इसलिए रोका ताकि असलहा इत्यादि न हो। इस पर चौटाला ने जवाब दिया कि एमपी-एमएलए असलहा लेकर सीएम निवास पर नहीं आएंगे।