चौटाला परिवार में चल रहे कलेश के बीच 17 नवंबर को जींद में बुलाई गई बैठक में टकराव के हालात बन गए हैं। परिवार में सुलह के सारे प्रयास विफल हो गए हैं। ऐसे में बैठक के दौरान टकराव के हालात पैदा होना तय है। अभी तक परिवार के बीच जो बयानबाजी चल रही थी, उसमें पार्टी के लोग टीका टिप्पणी करने से दूर थे, लेकिन अब अभय और अजय के खेमों में पूरी तरह से ठन गई है।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी बांगड़ के बयान के बाद इनेलो के प्रवक्ता प्रवीण आत्रेय और बांगड़ आमने सामने हो गए हैं। बांगड़ ने स्पष्ट किया है कि अजय चौटाला बैठक बुलाने का पूरा अधिकार है और वे पार्टी के प्रधान महासचिव हेाने के नाते इस काम को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रवीण आत्रेय को पार्टी के संविधान की जानकारी नहीं है। आत्रेय न तो पार्टी के प्राथमिक सदस्य हैं और न ही उन्हें पार्टी संविधान का ज्ञान है।
उधर, अभय और अजय चंडीगढ़ में हैं, लेकिन दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। अजय चौटाला पंचकूला की सेक्टर 21 की कोठी में रुके और अभय चौटाला ने सेक्टर 9 चंडीगढ़ वाली कोठी में रात्रि विश्राम किया। अजय चौटाला सुबह पंचकूला में निवास पर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। जिसके बाद उनका अंबाला और यमुनानगर का दौरा होगा। जबकि अभय चौटाला सुबह 11.30 पर पत्रकारों से रूबरू होने के बाद पंचकूला में इनेलो-बसपा कार्यकर्ता सम्मेलन करेंगे।
बैठक बुलाने का अधिकार प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष को
पार्टी संविधान के आर्टिकल 9 की धारा 4 और 5 में स्पष्ट है कि बैठक बुलाने का अधिकार प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष को है। अन्यथा उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति बैठक बुला सकता है। केसी बांगड़ को सार्वजनिक मंच पर अपने अल्पज्ञान का परिचय नहीं देना चाहिए। मैं यदि पार्टी का प्राथमिक सदस्य नहीं हूं तो ओम प्रकाश चौटाला ने मुझे प्रवक्ता कैसे बना दिया।
-प्रवीण आत्रेय प्रवक्ता इनेलो