हरियाणा में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और सियासी भंवर में फंसी इनेलो लगातार झटके पर झटका झेल रही है। अभी तक इनेलो के छह मौजूदा विधायक पार्टी को अलविदा कह चुके हैं, तो वहीं चार विधायकों ने बगावत का झंडा बुलंद कर रखा है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इनेलो की मुसीबतें और बढ़ने वाली है।
इनेलो का एक और मौजूदा विधायक भी भाजपा के संपर्क में हैं और प्रदेशाध्यक्ष से मुलाकात भी कर चुका है। इस विधायक की भी इनेलो छोड़ भाजपा ज्वाइन करने की अटकलें लग रही हैं। उधर, भाजपा ने भी अपने ‘मिशन 75 प्लस’ को पाने के लिए भविष्य में भी सियासी जोड़-तोड़ के संकेत दे दिए हैं। पारिवारिक विघटन के बाद से ही इनेलो सियासी भंवर में फंसती जा रही है।
इनेलो सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला के बड़े बेटे डॉ. अजय चौटाला इनेलो से अलग होकर अपनी नई पार्टी जननायक जनता पार्टी (जजपा) बना चुके हैं। इनेलो के चार विधायक नैना चौटाला, पृथी सिंह नंबरदार, राजदीप फौगाट और अनूप धानक बिना पार्टी से इस्तीफा दिए इनेलो की खुलकर मुखालफत कर रहे है और चारों जजपा के कट्टर समर्थक भी हैं।
इनेलो पहले ही इन चार विधायकों से असहज थी, लेकिन अब दूसरे विधायकों द्वारा पार्टी को छोड़कर दूसरे दलों में जाने के सिलसिले ने आगामी चुनाव से पहले इनेलो की मुसीबतें और बढ़ा दी है।
इनेलो के पांच मौजूदा विधायक रणबीर सिंह गंगवा, केहर सिंह रावत, बलवान सिंह दौलतपुरिया, जाकिर हुसैन और परमिंद्र ढुल जहां भाजपा में जा चुके हैं, वहीं इनेलो विधायक नसीम अहमद लोकसभा से पहले कांग्रेस का दामन थाम चुका है। इनके अलावा दो इनेलो विधायक हरिचंद मिड्डा और जसविंद्र सिंह संधू का निधन हो चुका है।
इनेलो के 19 विधायकों में से पार्टी के पास सिर्फ अब 7 विधायक ही बचे हैं। जबकि इनमें से भी 1 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। अब विधायकों के संख्या बल के ही खेल में इनेलो से नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी भी छिन चुकी है। एक और विधायक के छोड़ने पर विधानसभा चुनाव में इनेलो की राह मुश्किल हो सकती है।
भाजपा को विधायकों की भूख है। अपने मिशन के लिए भाजपा के पास ऐसे नेता ही नहीं है जो विधानसभा में चुनाव जीत सकें, इसलिए भाजपा दूसरे दलों से विधायक तोड़ रही है। इनेलो बड़ा राजनीतिक परिवार है, इनेलो को कोई फर्कनहीं पड़ेगा। जो लोग पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, उन्हें लगता है कि शायद इनेलो आगामी चुनाव में उन्हें टिकट नहीं देगी। वे अपनी सियासी स्वार्थ पूर्ति केलिए इनेलो छोड़कर जा रहे हैं। जनता उन्हें जरूर जवाब देगी।
- अभय चौटाला, विधायक एवं प्रधान महासचिव इनेलो