अभय चौटाला ने अपने भाई व जजपा नेता अजय चौटाला की टिप्पणी पर पलटवार किया है। प्रेसवार्ता करते हुए अभय ने अपने बड़े भाई अजय को गलतफहमी न पालने की सलाह दी है। उन्होंने अजय चौटाला को इस गलतफहमी दूर करने के लिए एक चुनौती भी दी है।बड़े भाई पर जनता को भरोसा तोड़ने का आरोप लगाते हुए अभय ने कहा कि पहले तो ये लोग जनता के बीच भाजपा को कोसकर 10 सीटें जीत गए और अब कहते हैं कि अभय चौटाला भी इन्हीं की मदद से विधानसभा पहुंचा है।
अभय ने कहा कि अजय को मेरी चुनौती है कि वे अपने बेटे उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को उचानां कलां से इस्तीफा दिलवाए और मैं ऐलनाबाद सीट से इस्तीफा देता हूं। दोनों सीटों पर दोबारा उप चुनाव होगा और दोनों फिर से अपनी-अपनी सीट पर मैदान में उतरेंगे। जनता अजय को दिखा देगी कि दोनों में से कौन दोबारा विधानसभा पहुंचेगा।
अभय चौटाला ने कहा कि आज भले ही जजपा के 10 विधायक है, मगर हालात यह है कि दस के दस एक जगह इकट्ठे बैठकर आपस में मीटिंग नहीं कर सकते हैं। जो लोग इनेलो छोड़कर जजपा में गए, आज वह पछता रहे हैं और जनता को भरोसा इनेलो पर पहले से ज्यादा बढ़ा है। राज्यसभा चुनाव में दीपेंद्र की उम्मीदवारी पर तंज कसते हुए अभय ने कहा कि दीपेंद्र के खिलाफ भाजपा ने प्रत्याशी न उतारकर ये साबित कर दिया है कि इस मामले में भाजपा-कांग्रेस दोनों ही मिले हुए है।
उधर, अभय ने सरकार ने बारिश और ओलावृष्टि के मामले में 40 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। अभय का कहना है कि सरसों, चना इत्यादि फसलों में किसानों का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है।