जेबीटी भर्ती घोटाले में जेल में सजा काट रहे ओम प्रकाश चौटाला और अजय चौटाला को मिल रही पेंशन के मुद्दे पर इनेलो ने अपना पक्ष रखा। इनेलो ने कहा है कि दोनों को रिप्रेजेंटेशन ऑफ पब्लिक एक्ट (जनप्रतिनिधित्व कानून) के तहत अयोग्य नहीं ठहराया गया।
इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव सेवानिवृत्त आईएएस आरएस चौधरी ने दि हरियाणा लेजिसलेटिव असेंबली (सैलरी, अलाउंसेंस एंड पेंशन ऑफ मेंबर) एक्ट 1975 के हरियाणा एक्ट 20-1978 के संशोधित प्रावधान के हवाले से स्पष्ट किया है कि नए प्रावधान के मुताबिक रिप्रेजेंटेशन ऑफ पब्लिक एक्ट के तहत अयोग्य ठहराए गए विधायकों की पेंशन उस समय के लिए लागू नहीं होती, जिस कार्यकाल के लिए उन्हें अयोग्य ठहराया गया हो।
इनेलो के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और अजय चौटाला को रिप्रेजेंटेशन ऑफ पब्लिक एक्ट 1951 के तहत अयोग्य नहीं ठहराया गया है। उल्लेखनीय है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने आरटीआई के तहत हरियाणा विधानसभा के सीपीआईओ से पूर्व विधायकों को दी जा रही पेंशन का ब्योरा मांगा था। इस दौरान पता चला कि चौटाला पिता-पुत्र समेत 288 पूर्व विधायकों को पेंशन मिल रही है।
अरोड़ा का कहना था कि हरियाणा लेजिसलेटिव असेंबली (सैलरी, अलाउंस एंड पेंशन ऑफ मेंबर्स) एक्ट, 1975 के तहत यदि विधानसभा के किसी सदस्य को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया जाता है तो अयोग्यता अवधि के दौरान उसे पेंशन नहीं दी जा सकती, लेकिन इनेलो का कहना है कि चौटाला पिता-पुत्र को रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट 1951 के तहत अयोग्य करार नहीं दिया गया।