मोरिंडा में एक सड़क हादसे के दौरान गंभीर घायल व्यक्ति की अस्पताल पहुंचने पर मौत हो गई। इसके बाद इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर मृतक के परिजनों ने अस्पताल के एसएमओ के साथ मारपीट की। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एसएमओ को छुड़वाया।
जानकारी के अनुसार गांव गुणिया माजरा वासी बहादुर सिंह अपनी बाइक पर मोरिंडा से रतनगढ़ जा रहा था। चौक में पहुंचते ही चंडीगढ़ से आ रही एक कार के साथ उसकी टक्कर हो गई। हादसे में बहादुर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे हाईवे पुलिस ने सिविल अस्पताल मोरिंडा पहुंचाया जहां से डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इसके लिए 108 नंबर एंबुलेंस को बुलाया गया, लेकिन एंबुलेंस एक घंटे के बाद भी नहीं पहुंची।
गंभीर घायल बहादुर सिंह की अस्पताल में ही मौत हो गई। मौत की सूचना जैसे ही उसके परिजनों को मिली तो उन्होंने अस्पताल के एसएमओ डॉ. बलबीर सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर की लापरवाही के चलते ही बहादुर सिंह की मौत हुई है।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एसएमओ को छुड़वाया। मृतक के परिजनों ने कहा कि अगर एंबुलेंस नहीं मिली तो किसी अन्य वाहन के जरिये बहादुर सिंह को पीजीआई भेजा जा सकता था लेकिन डॉक्टर ने ऐसा करना मुनासिब नहीं समझा। वहीं पुलिस ने कार चालक तेजिंदर नागपाल वासी माछीवाड़ा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।