जीएसटीआर 3बी की तरह ही अब जीएसटीआर-1 की रिटर्न दो महीने तक फाइल नहीं करने वाली फर्मों के खाते भी बंद हो जाएंगे। इससे फर्मों के ईवे बिल नहीं बन पाएंगे और व्यापारी अपना सामान अन्य जगह बिक्री के लिए नहीं ले जा पाएंगे। हालांकि विभाग ने इसमें व्यापारियों को राहत देने के लिए यह व्यवस्था की है कि फर्म का बकाया रिटर्न दाखिल करते ही बंद खाता खुल जाएगा।
गौरतलब है कि जीएसटी रिटर्न फाइल करने की दर को बढ़ाने के लिए चंडीगढ़ वस्तु एवं सेवाकर विभाग लगातार नई नई नीतियां लागू कर रहा है। हाल ही में जीएसटीआर 3बी दो महीने तक फाइल नहीं करने वाली फर्मों के खातों को बंद करने का निर्णय किया गया था। अब इसी की तर्ज पर जीएसटीआर-1 भी लगातार दो महीने तक फाइल नहीं करने वाली फर्मों के खाते बंद कर दिए जाएंगे।
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जीएसटी रिटर्न की दरों को बढ़ाने के लिए यह निर्णय किया गया है। कई बार व्यापारियों द्वारा भूल वश रिटर्न नहीं भर पाते हैं जिस कारण इसमें एक महीने की छूट दी गई है। यदि व्यापारी दो माह तक लगातार रिटर्न नहीं भरेगा तभी फर्म का एकाउंट ब्लॉक होगा। यदि फर्म का बकाया जीएसटीआर-1 जमा कर देता है तो बंद खाता खुल जाएगा और ई वे बिल बनना शुरू हो जाएगा।