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Chandigarh: कांग्रेस का आरोप-मोदी सरकार की गलत नीतियों से देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी

Mon, 29 Aug 2022 03:22 PM IST
निवेदिता वर्मा पीटीआई, चंडीगढ़

सार

कांग्रेस नेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि अगर भाजपा केंद्र में सत्ता में आती है, तो उनकी सरकार हर साल दो करोड़ नौकरियां देगी। लेकिन अब 14 करोड़ बेरोजगार हैं और 20-24 वर्ष के बीच, 42 प्रतिशत बेरोजगार हैं।
 
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Inflation - फोटो : Istock
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विस्तार
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कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है। लोग अब कह रहे हैं कि बहुत हुई मेहंदी की मार, पलट दो मोदी सरकार। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले महंगाई जैसे मुद्दों पर मुखर रहने वाले प्रधानमंत्री समेत भाजपा के नेताओं ने अब पिछले आठ साल से पूरी तरह चुप्पी साध ली है। ओझा ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं।

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कांग्रेस नेता ने कहा कि दाल-रोटी भी महंगी हो गई है, दाल, आटा, नमक की कीमतों में भी तेज वृद्धि देखी जा रही है। अब आम लोगों द्वारा उपभोग की जाने वाली लगभग सभी वस्तुओं पर जीएसटी लगाया गया है। यहां तक कि दूध, दही, दवाओं जैसी वस्तुओं पर भी जीएसटी लगाया गया है। पेंसिल, शार्पनर को भी नहीं बख्शा गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के समय में रसोई गैस सिलेंडर जिसकी कीमत 2014 में 410 रुपये थी, अब 1,053 रुपये है।

 पेट्रोल जो लगभग 70 रुपये प्रति लीटर था, अब 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर हो गया है, जबकि डीजल अब 57 रुपये से बढ़कर 95 रुपये प्रति लीटर हो गया है। खाना पकाने के तेल की कीमतें 90 रुपये प्रति लीटर से दोगुनी से अधिक 200 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, आटा जिसकी कीमत लगभग 20 रुपये प्रति किलो थी, अब 35-40 रुपये प्रति किलो के दायरे में बिक रही है। दूध की कीमत 30 रुपये प्रति लीटर से दोगुनी होकर 60 रुपये हो गई है, जबकि सब्जियों की कीमतों में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 
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उन्होंने कहा कि पिछले यूपीए शासन द्वारा अपनाई गई अच्छी आर्थिक नीतियों के कारण, 27 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया था, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में 23 करोड़ भारतीयों को गरीबी रेखा से नीचे धकेल दिया गया है। ओझा ने कहा कि एक तरफ जहां महंगाई तेजी से बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारी कई गुना बढ़ गई है। ओझा ने कहा कि बिना सोचे समझे उन्होंने विमुद्रीकरण किया जिसके परिणामस्वरूप 2.30 लाख छोटी इकाइयां बंद हो गईं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को उनके पसंदीदा लोगों को बेचा जा रहा है। यह गरीबों की सरकार नहीं है, बल्कि पूंजीपतियों की सरकार है। उन्होंने पूंजीपतियों के 11 लाख करोड़ रुपये माफ कर दिए। ओझा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम लोगों से जुड़े इन और अन्य मुद्दों को सड़कों से लेकर संसद तक उठाती रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ उनकी पार्टी 4 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'हल्ला बोल महारैली' आयोजित कर रही है।

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