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दिल्ली-मुंबई में लगे लॉकडाउन में उद्योग खुले, फिर चंडीगढ़ में बंद क्यों?

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चंडीगढ़। शहर में लगे सप्ताहांत लॉकडाउन में उद्योगों को बंद रखा गया है। इससे शहर के उद्योगपति नाराज हैं। उनका कहना है कि जब दिल्ली और मुंबई में लॉकडाउन के दौरान सभी उद्योग खोले गए हैं तो चंडीगढ़ में बंद क्यों किए गए हैं। प्रशासन के इन फैसलों की वजह से मजदूरों का पलायन फिर शुरू हो सकता है। प्रशासन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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क्या कहते हैं उद्योगपति
पहले ही उद्योग पूरी तरह नहीं उभरे, फिर दे दिया झटका
चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से जारी दिशा निर्देशों में लॉकडाउन के दौरान उद्योगों को अनिवार्य सेवाओं की सूची में शामिल कर मंजूरी देनी चाहिए थी। एक बार उत्पादन खत्म होता है तो उसे दोबारा पटरी पर लाने में काफी समय लग जाता है। पिछली बार लगे लॉकडाउन से अभी तक उद्योग पूरी तरह से उभर नहीं पाए थे कि एक बार फिर उद्योगों को झटका लग गया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन छोटे और मझले उद्योगों को बेहद नुकसान पहुंचाएगा। यही नहीं प्रशासन के जीएसटी कलेक्शन में भी कमी आएगी और मजदूर भी पलायन करने पर मजबूर हो सकते हैं।
-नवीन मंगलानी, प्रधान चैंबर्स ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज
प्रशासन का निर्णय व्यापारियों के लिए अच्छा नहीं
चंडीगढ़ प्रशासन का निर्णय शहर के व्यापारियों के लिए अच्छा नहीं है। पिछले साल का लॉकडाउन व्यापार समुदाय के लिए एक झटका साबित हुआ है। सभी व्यापारी पहले से ही बड़े नुकसान से पीड़ित हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इस फैसले पर पुनर्विचार करें।
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कमलजीत सिंह पंछी, अध्यक्ष चंडीगढ़ ट्रेडर्स एसोसिएशन (सेक्टर-17)
शहर के दुकानदार बहुत घाटे में
शहर के दुकानदार बहुत घाटे में हैं। पिछली बार भी लॉकडाउन लगा था, उसका कुछ खास लाभ नहीं हुआ। इसलिए प्रशासन को सभी को वैक्सीन लगानी चाहिए। उन्होंने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मांग की है कि व्यापारियों के पक्ष में कुछ प्रमुख राहत योजनाओं की घोषणा करनी चाहिए।
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भारत भूषण कपिला, अध्यक्ष न्यू एकता मार्केट शॉपकीपर्स एसोसिएशन (सेक्टर-45, बुड़ैल)
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