सीएम ने कहा कि कोई भी अगर इससे जुड़ेगा तो उसके स्वयं के मन में निस्वार्थ भाव से कार्य करने की इच्छा व्यक्त होती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य परहित और समाज के लिए काम करता है। हमारे शास्त्रों में भी लिखा गया है 'वसुधैव कुटुम्बकम्' अर्थात सारा विश्व मेरा परिवार है, इसी ध्येय के साथ सामाजिक संस्थाएं समाज हित के कार्य करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से अमेरिका जैसे विकसित देश भी अछूते नहीं रहे। वहां पर बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई है और लाखों लोग संक्रमित हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों में सामाजिक सेवा की भावना है और अब हम इस महामारी के दूसरे चरण में हैं जो सेफ जोन है। इसका तीसरा चरण सामुदायिक संक्रमण का है, जिससे हमें हर हाल में बचना है और इस महामारी को दूसरे चरण पर ही रोक कर खत्म करना है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि महामारी की रोकथाम में लगे रक्षक चाहे वे डॉक्टर, नर्स या पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, एंबुलेंस ड्राइवर और यहां तक कि पुलिस कर्मचारी हो, वह हर गांव, मोहल्ले और गली में लोगों को इस महामारी के प्रति सचेत कर रहे हैं और घरों में रहने के लिए अपील कर रहे हैं। अभी तक 90 लाख खाने के पैकेट व 4 लाख 80 हजार सूखे राशन के पैकेट जरूरतमंदों को बांटे गए हैं।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग सरकार का सहयोग दें, इसके लिए हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड बनाया गया है। इसमें अब तक लगभग 150 करोड़ रुपये का योगदान हो गया है, जिसमें 70 करोड़ रुपये सरकारी कर्मचारियों और 75 करोड़ रुपये अन्य लोगों का योगदान शामिल है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी संस्था से जुड़े लोगों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाएं, वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से भी सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों को सहयोग के लिए पत्र लिखेंगे।