देश के एक गांव की पंचायत ने बड़ा ही ऐतिहासिक फैसला लेते हुए बुजुर्ग की मृत्यु पर कराए जाने वाले जलपान पर रोक लगा दी है। हरियाणा के गांव भट्टूकलां की पंचायत ने बुजुर्ग की मृत्यु के बाद तपड़ी पर दिए जाने वाले जलपान, मिठाई पर विभिन्न समाज के लोगों ने अब रोक लगा दी है।
वृद्ध की मौत पर संवेदना प्रकट करने वाले लोगों की आवभगत के लिए समाज में जलपान कराने की रिवाज चली आ रही थी। विशेष रूप से अग्रवाल समाज मौके पर तपड़ी के दौरान ही जलपान की व्यवस्था करता है।
इससे जहां शोकाकुल परिवार की मजबूरी मानी जाती है, वहीं संवेदना प्रकट करने वाला भी संकोच महसूस करता है। अब भट्टूमंडी के प्रबुद्ध नागरिकों ने तपड़ी पर दिए जाने वाले जलपान पर रोक लगाने की पहल की है।
दो परिवारों के बुजुर्गों की मौत के बाद बैठक में हुआ फैसला
पंचायत ने कराई सुलह
- फोटो : अमर उजाला
यह पहल भट्टूमंडी में दो परिवारों के बुजुर्गों की मौत के बाद बैठक के दौरान की गई। बैठक में अग्रवाल सभा के प्रधान ब्रह्मनंद गोयल, भट्टूमंडी के सरपंच बंसीलाल, योगराज शर्मा, महेंद्र सिंह भट्टू, सुभाष गोयल, आत्माराम गोयल, नरेश गोयल, बिल्लू गर्ग, राजेश बंसल, सुरेश सिंगल आदि ने निर्णय लिया कि बुजुर्ग व्यक्ति की मृत्यु पर शोक प्रकट होता है।
ऐसे में उसी समय तपड़ी के दौरान मिठाई आदि खाना खिलाना शोभा नहीं देता। यदि कोई परिवार आने जाने वालों का अतिथि सत्कार करना चाहता है तो उसे तपड़ी की बजाय दूसरे स्थान पर जलपान या भोजन कराएं। आगे आने वाले समय में सबका सहयोग मिला तो उसे समाज के हर तबके में मृत्यु भोज पर पूर्णरूप से रोक लगाने के बारे में भी विचार किया जाएगा।