गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अगले साल से भारतीय टीका उपलब्ध होगा। स्वदेशी टीके का ट्रायल देश के 12 केंद्रों के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। पीजीआई स्वदेशी गर्भाशय ग्रीवा कैंसर वैक्सीन की प्रभावकारिता के परीक्षण के लिए परीक्षण केंद्रों में से एक रहा है। जिसमें गार्डासिल और स्वदेशी वैक्सीन सर्वारिक्स (स्वदेशी) की प्रभावकारिता और सुरक्षा के बीच कोई अंतर नहीं पाया गया।
गार्डासिल और सर्वारिक्स के बीच कीमत का अंतर बहुत बड़ा है और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के साथ, अगले वर्ष तक सर्वारिक्स की लागत कुछ हजारों से लगभग दसवें हिस्से तक कम होने की उम्मीद है। यह बातें पीजीआई और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला कैंसर सम्मेलन के समापन समारोह के दौरान रविवार को विशेषज्ञों ने कहीं।
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सम्मेलन में मौजूद पीजीआई स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रमुख डॉ. वनिता सूरी ने बताया कि इस वैक्सीन को लेकर वे पिछले 30 वर्षों से काम कर रही हैं। इसलिए स्वदेशी वैक्सीन को लेकर सामने आए सकारात्मक परिणाम से वे बेहद खुश हैं। डाॅ. वनिता ने बताया कि ट्रायल में लड़कियों और लड़कों दोनों को शामिल किया गया था। क्योंकि इसका संक्रमण यौन संबंधों के दौरान ज्यादा होता है। ऐसे में सिर्फ लड़की को वैक्सीन लगाए जाने से व्यापक सफलता नहीं मिलती। वहीं लड़कों में भी यह वैक्सीन कई प्रकार के कैंसरों से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। इसलिए यह वैक्सीन लड़कियों के साथ लड़कों को भी लगाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि मौजूदा समय में जो वैक्सीन बाजार में उपलब्ध है उसकी कीमत दो हजार रुपये से 2200 रुपये तक है।
आप भी जान लें सर्वाइकल कैंसर के बारे में
सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय ग्रीवा वह कैंसर है जो गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में शुरू होता है। सर्वाइकल कैंसर आमतौर पर समय के साथ धीरे-धीरे विकसित होता है। गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाएं डिसप्लेसिया नामक परिवर्तनों से गुजरती हैं, जिसमें गर्भाशय ग्रीवा के ऊतकों में असामान्य कोशिकाएं दिखाई देने लगती हैं । समय के साथ, यदि नष्ट नहीं किया गया या हटाया नहीं गया, तो असामान्य कोशिकाएं कैंसर कोशिकाएं बन सकती हैं और बढ़ने लगती हैं।
ये लक्षण हैं महत्वपूर्ण
- संभोग के बाद, मासिक धर्म के बीच या रजोनिवृत्ति के बाद योनि से रक्तस्राव।
- मासिक धर्म में रक्तस्राव जो भारी होता है और सामान्य से अधिक समय तक रहता है।
- पानी जैसा, खूनी योनि स्राव जो भारी हो सकता है और दुर्गंधयुक्त हो सकता है।
- संभोग के दौरान पेल्विक दर्द या दर्द।
इससे बचाव संभव
- एचपीवी वैक्सीन
-नियमित पैप परीक्षण कराएं।
- सुरक्षित यौन संबंध।
- धूम्रपान न करें।