शिकायतकर्ता रोहित बेदी (20) पुत्र सुरेंद्र कुमार बेदी निवासी कृष्णा गली धारीवाल ने पुलिस को बताया कि उसकी मां वीना को करीब 9 माह पहले मुख्तयार सिंह निवासी रतनगढ़ अमृतसर रुरल ने धोखे से कुवैत भेज दिया। अब वह वहां फंस गई है और पैसे देने के बावजूद वह उन्हें वापस नहीं बुला रहा। उसके पिता भी मां से लगातार संपर्क करने की कोशिश करते थे।
इस गम में पिता सुरेन्द्र कुमार की 21 मई को हार्ट अटैक से मौत हो गई। अब वह और उसका छोटा भाई मोहित बेदी (18) व छोटी बहन समृद्धि (10) बेसहारा हो चुके हैं। पिता की मौत के बाद उसे एक दुकान पर काम करके घर का गुजारा चलाना पड़ रहा है।
रोहित ने बताया कि उसकी मां ने वहां जाने के बाद सिर्फ पहले महीने में ही वेतन भेजा था। उसके बाद आज तक कुछ नहीं आया। जब भी कुवैत से मां का फोन आता है तो उसकी रोने की आवाजें सुनाई देती हैं और फिर फोन कट जाता है। मां यही कहती है कि मुख्तयार (एजेंट) से मिलो वह मुझे वापस बुलाए। फोन कटने के बाद नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है।
रोहित ने बताया कि पिता ने मां को वापस बुलाने के लिए एजेंट मुख्तयार सिंह को पैसे तो दिए थे, लेकिन उसने मां को वापस नहीं बुलाया। बच्चों ने बताया कि वह पुलिस से लेकर विदेश मंत्रालय तक जाकर आए। सरकारों से गुहार लगाई कि उनकी मां को जल्द से जल्द वापस लाया जाए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।