चंडीगढ़। वायु सेना की अंबाला स्थित खड़गा कोर की विभिन्न इकाइयों ने 11 से 27 मई तक भारतीय वायुसेना के साथ पंजाब में एक पखवाड़े तक बड़ा प्रशिक्षण युद्धाभ्यास किया। इसमें सेनाओं ने नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया। इनमें जमीनी बलों के समर्थन में हमलावर हेलीकॉप्टर की तैनाती, दुश्मन की बाधा प्रणालियों में उपकरणों का गहनता से संचालन करना, हाई-टेक ड्रोन का बल मल्टीप्लायरों के रूप में उपयोग, बाधा वाले इलाके में लड़ना और हेलीबोर्न ऑपरेशन की ओर से दुश्मन के इलाके में हमला करना आदि शामिल था। इसमें पश्चिमी सीमाओं के पार दुश्मन के इलाके में संचालन के लिए भारतीय वायु सेना के साथ संयुक्त प्रशिक्षण के पहलुओं को भी शामिल किया गया। इस दौरान विशेष बलों ने पश्चिमी छोर पर दुश्मन देश की रेखा के पीछे युद्ध का संचालन किया और भारतीय वायुसेना ने मैदान में कई हवाई हमले किए। इस संबंधी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभ्यास कई महत्वपूर्ण परिचालन पहलुओं में सफल रहा है और पश्चिमी मोर्चे पर हमारी सेना के लिए उच्च स्तर की ऑपरेशन तैयारियों को भी मजबूत किया गया। सेना के जारी बयान में बताया गया कि इस युद्धाभ्यास को सेना के कमांडर, पश्चिमी कमान और अन्य वरिष्ठ गण्यमान्य लोगों ने देखा। इस अवसर पर सभी ने पेशेवर तैयारी पर सभी इकाइयों को बधाई दी।