सेनाध्यक्ष बिपिन रावत सोमवार को अक्षम सैनिकों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमन के बजाय बंदूक थामने वालों की उम्र ज्यादा लंबी नहीं होती। आर्मी चीफ ने कहा कि कश्मीरी युवा पैसों के लालच में आतंकियों से मिलकर देश के खिलाफ चल रहे हैं। कश्मीरी नौजवान नए-नए संगठनों के साथ जुड़कर घाटी में आतंकी हमलों में शामिल होकर मारे जाते हैं।
सेनाध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर रीजन में घुसपैठियों के बजाय लोकल आतंकी ज्यादा हैं, इन लोगों को पैसों का लालच और गलत जानकारी देकर भड़काया जाता है और आतंकी संगठनों से जोड़ लिया जाता है, प्रशिक्षण होता नहीं, इसलिए आतंकी बनने के घंटों, हफ्तों या महीनों में आर्मी की गोली का शिकार बन जाते हैं। इन लोगों की उम्र ज्यादा नहीं रहती।
उन्होंने कहा कि ऐसे ही हालातों के मद्देनजर आर्मी के अधिकारी उन नौजवानों के परिवारों के जरिए उन्हें सरेंडर करने को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों के पास मौका है कि वह हथियार छोड़ अपनी उम्र लंबी करें अन्यथा भारतीय सेना जैसे को तैसा नहीं बल्कि बढ़ा-चढ़ाकर लौटाने वाली योजना के तहत जवाब देगी।
पंजाब को खतरा नहीं है, पर सतर्क रहना होगा
इस मौके पर आर्मी चीफ ने कहा कि पंजाब को किसी प्रकार का खतरा नहीं है, पर अब सतर्क रहने का समय आ गया है। पंजाब के हालात पर केंद्र सरकार गंभीर है, सीएम भी हर छोटी बड़ी घटना को मॉनिटर कर रहे हैं। पंजाब के लोग खुद ही बहुत स्ट्रांग हैं। यह लोग नहीं चाहते कि बाहर से आकर कोई पंजाब का माहौल खराब करे।
हमारी सरहदें बिल्कुल सेफ हैं...
पत्रकारों के सवाल के जवाब में सेनाध्यक्ष ने कहा कि लाइन ऑफ कंट्रोल के दूसरी तरफ चाहे 10 हजार लोग इस पार आने की फिराक में हों पर हमारी सरहदें बिल्कुल सेफ हैं। हमारे जवान वहां बैठें हैं, ताकि अंदर घुसने से पहले ही घुसपैठियों को सरहद पर ढेर कर दिया जाए। सेनाध्यक्ष ने दावा किया कि पहले के मुकाबले घुसपैठ काफी कम हुई है। हालांकि अब बर्फ पड़ने वाली है, घुसपैठ की कोशिशें बढ़ेंगी, लेकिन हम सतर्क हैं। अक्सर ऐसा हो रहा है कि वह घुसने की कोशिश करते हैं और थोड़ी फायरिंग के बाद लौट जाते हैं।