इसके बाद से ही परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीण भी उसके सलामत लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं। परिजन दिन में कई बार जोरहाट एयरबेस कार्यालय में फोन कर पंकज व अन्य कर्मियों के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
अभी तक किसी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पंकज के लापता होने की सूचना से उनके दादा कपूर सिंह भी सदमे में हैं। घर पर पंकज के बारे में जानकारी लेने के लिए ग्रामीणों व अन्य रिश्तेदारों का तांता लग रहा है।
मां से कहा था अधिकारी उसके काम से बहुत खुश
पंकज सांगवान ने लापता होने से एक दिन पहले ही अपनी मां सुनीता से फोन पर लंबी बातचीत की थी। उसने करीब 40-45 मिनट बात करने के दौरान अपनी मां को कहा था कि उसके काम से अधिकारी बहुत खुश हैं। इतना कहने के बाद सुनीता का गला भर आया और उन्होंने इतना ही कहा कि पंकज सदा मेहनत व इमानदारी से अपना काम पूरा करता है। उसने ट्रेनिंग के समय भी 2500 जवानों में पहला स्थान प्राप्त किया था।
2 जून की सुबह ही पंकज ने अपने चचेरे भाई मोहित से भी फोन पर बातचीत की थी। उसने अपने भाई को बताया कि 28 जून को वह छुट्टियों में घर आ रहा है। उसकी छुट्टियां मंजूर हो गई हैं। पंकज ने यह बात मां सुनीता को भी बताई थी लेकिन अब विमान के साथ पंकज के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से ही परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
पंकज सांगवान की मां सुनीता कुमारी ने बताया कि जब भी वह तथा परिवार से सदस्य पंकज की शादी की बात करते हैं तो वह मना कर देता है। वह एक ही बात कहता है कि वह पहले पढ़ाई कर बड़ा अधिकारी बनना चाहता है।
सुनीता कुमारी ने कहा कि सरकार उसके बेटे को सही सलामत वापस लेकर आने के लिए ठोस पहल करे। सरकार को चाहिए कि वह विमान की तलाश को लेकर सभी संसाधन लगा दे। जिससे उसके बेटे के साथ अन्य लापता कर्मियों को सकुशल वापस लाया जा सके।
दो दिन से गले से नहीं उतरा निवाला
जब परिजनों को 3 जून की शाम को पंकज सांगवान व अन्य कर्मियों के विमान समेत लापता होने का पता लगा उसके बाद से परिजनों ने एक निवाला तक नहीं खाया। परिजनों का कहना है कि पंकज की सलामती की खबर मिलने के बाद ही वह कुछ खा सकेंगे।