तकनीकी जांच में भी सामने आई थी कई कमियां
वहीं, इस मामले में एयरफोर्स के अधिकारियों द्वारा जांच की गई तो पता चला कि जो जगुआर विमान क्रैश हुआ है, उसका इंजन पुराने एयरफ्रेम वाला था। हालांकि पायलट के सुरक्षित इजेक्शन और सुरक्षित लैंडिंग के चलते उड़ान के दौरान कोई मानवीय त्रुटि के बजाय इंजन व अन्य पार्ट्स में दिक्कत सामने आई।
घटनास्थल पर जांच करते एयरफोर्स के अधिकारियों की टीम।
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उड़ान के दौरान इंजन हुआ फेल
राजस्थान में पायलटों द्वारा प्रशिक्षण के लिए प्रयोग किए जा रहे जगुआर की कुछ समय पहले ही तकनीकी जांच भी हुई थी, जिसमें इस विमान की कई कमियां सामने आई थी। हालांकि तकनीकी विंग द्वारा उन कमियों को दूर कर दिया गया था, लेकिन उड़ान के दौरान इंजन फेल हो गया और विमान क्रैश हो गया। क्रैश हुए जगुआर के राजस्थान से उड़ान भरने से पहले ही इसके एक-एक पार्ट्स की अच्छे से जांच भी की गई थी, लेकिन जब यह अंबाला एयरबेस पर हॉल्ट किया गया तो इसके इंजन में एरर आया था।
घटनास्थल पर मौजूद लोग।
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सर्विसिंग व परिचालन डाटा भी किया एकत्र
इस मामले में जांच के लिए गठित की गई कोर्ट कमेटी द्वारा क्रैश हुए जगुआर के रखरखाव के रिकॉर्ड और हाल ही में की गई सर्विसिंग का रिकॉर्ड भी तलब करके चेक किया गया। इसके अलावा कमेटी द्वारा जांच के दौरान प्रशिक्षण उड़ान से परिचालन डाटा से लेकर उड़ान पथ, मौसम और पायलट रिपोर्ट भी शामिल हैं।