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Jaguar Crash : मोरनी में क्रैश हुए विमान की चौंकाने वाली रिपोर्ट... इंजन कैसे हुआ फेल? पायलट पर भी जांच की आंच

Thu, 13 Mar 2025 12:21 PM IST
अंकेश ठाकुर हरीश कोचर, चंडीगढ़

सार

अंबाला एयरबेस देश का सबसे पुराना व बड़ा एयरफोर्स स्टेशन है, जिसने 1965 व 1971 की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अंबाला एयरबेस में मिग के अलावा जगुआर विमानों की स्क्वाड्रन तैनात थीं।
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क्रैश हुए जगुआर विमान के क्षतिग्रस्त हुए टुकड़े। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय वायुसेना के पंचकूला जिले में मोरनी की पहाड़ियों के बीच क्रैश हुए जगुआर की हालत लांग फ्लाइंग जोन के लिए ठीक नहीं थी। क्योंकि कुछ समय पहले तकनीकी निरीक्षण के दौरान इस जगुआर की हालत जांच रिपोर्ट में पुअर बताई गई थी। लेकिन इसके बावजूद इसे राजस्थान में एयरफोर्स के ट्रेनिंग एयरबेस से लांग फ्लाइंग जोन के लिए हरी झंडी देकर रवाना कर दिया गया। बाकायदा जब इसे अंबाला कैंट एयरबेस पर हॉल्ट किया गया तो वहां भी इसके इंजन में एरर आया था। वहीं, जगुआर क्रैश को लेकर एयरफोर्स के अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के बाद एक गोपनीय रिपोर्ट बनाकर दिल्ली रक्षा मंत्रालय सहित मुख्यालय में भी भेज दी है। क्रैश हुए विमान के पायलट से भी पूछताछ की गई है।
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दरअसल अंबाला एयरबेस देश का सबसे पुराना व बड़ा एयरफोर्स स्टेशन है, जिसने 1965 व 1971 की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अंबाला एयरबेस में मिग के अलावा जगुआर विमानों की स्क्वाड्रन तैनात थीं। लेकिन कुछ साल पहले भारतीय वायुसेना द्वारा सभी जगुआर को अंबाला से राजस्थान में भेज दिया गया था और वहां अब इनका प्रयोग केवल नए पायलटों को प्रशिक्षण के लिए ही किया जा रहा था। बीते 7 मार्च को भी राजस्थान से पायलट नवीन रेड्डी ने प्रशिक्षण के लिए जगुआर में उड़ान भरी थी। कुछ घंटे की लंबी उड़ान के बाद दोपहर के समय इस जगुआर ने अंबाला एयरबेस में कुछ देर के लिए हॉल्ट किया था। यहां बाकायदा इसमें फ्यूल टैंक फुल किया गया और मामूली तकनीकी जांच भी की गई। 

बाकायदा यहां से उड़ान भरने के दौरान भी प्लेन के इंजन में एरर आया था और अंबाला एयरबेस से उड़ने के कुछ मिनटों बाद ही मोरनी की पहाड़ियों में यह जगुआर क्रैश हो गया था। इसके बाद इसकी जांच के लिए मुख्यालय द्वारा कोर्ट कमेटी गठित की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान के एडोर एमके-811 इंजन में खराबी के कारण यह हादसा हुआ है। लेकिन कोर्ट कमेटी द्वारा उक्त पायलट के पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित में बयान दर्ज किए गए है।
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जगुआर विमान का पायलट। - फोटो : संवाद
तकनीकी जांच में भी सामने आई थी कई कमियां
वहीं, इस मामले में एयरफोर्स के अधिकारियों द्वारा जांच की गई तो पता चला कि जो जगुआर विमान क्रैश हुआ है, उसका इंजन पुराने एयरफ्रेम वाला था। हालांकि पायलट के सुरक्षित इजेक्शन और सुरक्षित लैंडिंग के चलते उड़ान के दौरान कोई मानवीय त्रुटि के बजाय इंजन व अन्य पार्ट्स में दिक्कत सामने आई। 

घटनास्थल पर जांच करते एयरफोर्स के अधिकारियों की टीम। - फोटो : संवाद
उड़ान के दौरान इंजन हुआ फेल 
राजस्थान में पायलटों द्वारा प्रशिक्षण के लिए प्रयोग किए जा रहे जगुआर की कुछ समय पहले ही तकनीकी जांच भी हुई थी, जिसमें इस विमान की कई कमियां सामने आई थी। हालांकि तकनीकी विंग द्वारा उन कमियों को दूर कर दिया गया था, लेकिन उड़ान के दौरान इंजन फेल हो गया और विमान क्रैश हो गया। क्रैश हुए जगुआर के राजस्थान से उड़ान भरने से पहले ही इसके एक-एक पार्ट्स की अच्छे से जांच भी की गई थी, लेकिन जब यह अंबाला एयरबेस पर हॉल्ट किया गया तो इसके इंजन में एरर आया था।
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घटनास्थल पर मौजूद लोग। - फोटो : संवाद
सर्विसिंग व परिचालन डाटा भी किया एकत्र 
इस मामले में जांच के लिए गठित की गई कोर्ट कमेटी द्वारा क्रैश हुए जगुआर के रखरखाव के रिकॉर्ड और हाल ही में की गई सर्विसिंग का रिकॉर्ड भी तलब करके चेक किया गया। इसके अलावा कमेटी द्वारा जांच के दौरान प्रशिक्षण उड़ान से परिचालन डाटा से लेकर उड़ान पथ, मौसम और पायलट रिपोर्ट भी शामिल हैं।
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