वाघा बार्डर पर पाकिस्तान की तरफ हुए विस्फोट के बारे में भारत के खुफिया सेल को पहले से जानकारी थी। ये कहना है डीआईजी फिरोजपुर रेंज आरके थापा का। उन्होंने कहा कि इसलिए बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हुए थे।
विस्फोट के बाद पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ जवानों की संख्या में बढ़ोतरी कर चौकसी बढ़ा दी गई है।
बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने हेलीकॉप्टर के जरिए पंजाब से लगती भारत-पाकिस्तान सरहद की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और जहां-जहां सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत थी वहां पर सुरक्षा बढ़ाई गई।
फिरोजपुर के हुसैनीवाला बार्डर पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी के दौरान बीएसएफ अधिकारियों के सामने जवानों ने आने वाले लोगों की गहन तलाशी ली। इसे बाद ही उन्हें सेरेमनी स्थल तक जाने दिया गया।
सरहद पर जवानों की संख्या बढ़ाई
डीआईजी फिरोजपुर रेंज आरके थापा ने बताया कि वाघा बार्डर पर पाकिस्तान की तरफ हुए विस्फोट के बाद सरहद पर जवानों की संख्या बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि सरहद पर सुरक्षा के इंतजाम पहले से ही किए हुए हैं।
तीन दिन पहले ही बीएसएफ पंजाब के आईजी अशोक कुमार ने पंजाब से लगते भारत-पाकिस्तान की सीमा की सुरक्षा का जायजा हेलीकाप्टर से लिया था। उस समय आईजी ने सभी कमांडेंट और सहायक कमांडेंट के साथ बैठक कर सुरक्षा पर विचार किया था। डीआईजी थापा ने बताया कि विस्फोट के बारे में उनकी खुफिया सेल को जानकारी थी। इसलिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हुए थे।
लोगों की गहन जांच के आदेश
एक सवाल के जवाब में थापा ने कहा कि वाघा बार्डर के बाद हुसैनीवाला बार्डर पर बढ़िया तरह से रिट्रीट सेरेमनी होती है, जहां लोगों की बहुत भीड़ जुटती है। विस्फोट के बाद यहां रिट्रीट सेरेमनी देखने को आने वाले लोगों की गहन जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति बैरियर से रिट्रीट सेरेमनी स्थल तक जाएगा, उसकी चेकिंग की जाएगी। वह कोई वाहन लेकर जाता है उसके वाहन को भी चेक किया जाएगा।
डीआईजी आरके थापा ने कहा कि हुसैनीवाला और सादगी बार्डर पर रिट्रीट सेरेमनी सोमवार को भी हुई है। इसे बंद करने के कोई आदेश नहीं आए हैं। यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच पड़ताल की गई।
अटारी पर ठहरा भारत-पाक व्यापार, ट्रेन चली खाली
वाघा बॉर्डर के पार पाकिस्तानी क्षेत्र में रविवार को हुए आत्मघाती हमले के बाद भारत ने अपने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। सोमवार को प्रतिदिन की भांति भारत-पाकिस्तान के बीच सामान लेकर चलने वाले ट्रकों की आवाजाही नहीं हुई और शाम को नियमित बीटिंग रिट्रीट के समय भी बीएसएफ ने भारतीय दर्शकों को सीमा के करीब पहुंचने से रोक दिया।
पाकिस्तान से समझौता ट्रेन तो भारत पहुंची लेकिन उसमें बहुत कम यात्री थे। हालांकि इस ट्रेन में पाक जाने वालों में ज्यादा संख्या सिख श्रद्धालुओं की रही।
भारत-पाक के बीच अटारी बॉर्डर के रास्ते व्यापार पर केंद्र सरकार ने अगले आदेश पूरी तरह रोक लगा दी है। आम तौर पर व्यापार के दिनों में दोनों देशों के बीच करीब 500 ट्रकों का आना जाना होता है। एक अनुमान के अनुसार, दोनों देशों के बीच इस रास्ते से प्रतिदिन करीब 200 करोड़ का व्यापार होता है।