श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर पाकिस्तान जाने वाले जत्थे को रोके जाने के बाद शेरे-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर जाने वाले जत्थे पर भी संकट के बादल छा गए हैं। संशोधित नानकशाही कैलेंडर के अनुसार, महाराजा रणजीत सिंह की बरसी 29 जून को मनाई जाती है। एसजीपीसी एक सप्ताह पहले अपना जत्था पाकिस्तान भेजती है।
इस बार भी जत्था भेजा जाना है और एसजीपीसी ने यात्रियों के पासपोर्ट दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास को वीजा के लिए भेजे हुए हैं। 2018 में शहीदी पर्व के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 86 तीर्थ यात्री ही पाकिस्तान गए थे। वहीं 2017 में पाकिस्तान जाने वाले जत्थे के सदस्यों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई थी। इस कारण एसजीपीसी ने पाकिस्तान जत्थे भेजने से इंकार कर दिया था।